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पीएफ खाते में दिखेगा ईटीएफ निवेश का हिस्सा, क्या करें

योर मनी के पास है आपकी हर आर्थिक उलझन का जवाब।
अपडेटेड Nov 25, 2017 पर 14:38  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

योर मनी के पास है आपकी हर आर्थिक उलझन का जवाब। निवेश की शुरुआत से लेकर लक्ष्य पाने तक आने वाली हर अड़चन को दूर करेगा योर मनी। छोटे-छोटे निवेश से कैसे बनेगा बड़ा कॉर्पस या किस फंड में मिलेगा मोटा मुनाफा, ये सब हम जानेंगे आज। लेकिन उससे पहले PF खाते को लेकर ईपीएफओ के बोर्ड ने जो फैसले लिए हैं वो आपके लिए जानना है अहम। शेयर बाजार में लगा पीएफ का पैसा अब आपके खाते में दिखेगा। ईपीएफओ के सेंट्रल बोर्ड ऑफ़ ट्रस्टीज की बैठक में ये फैसला लिया गया है।


अब आपकी पीएफ की रकम ईटीएफ और रुपए में दिखेगी। ईटीएफ  यानि एक्सचेंज ट्रेडेड फंड। आपको बता दें कि पीएफ खाते का पैसा ईपीएफओ  ईटीएफ के जरिए बाजार में लगाता है। ईपीएफओ अपने कुल जमा की 15 फीसदी रकम ईटीएफ में लगाता था। अब आपको अपने पीएफ खाते में 4 फीसदी रकम ईटीएफ यूनिट के तौर पर दिखेगी। बाकी रकम कैश के तौर पर पीएफ खाते में दिखेगी। ये पूरा पेंच क्या है, इससे आप पर पड़ेगा कितना असर ये बताने के लिए हमारे साथ जुड़ रहे हैं बजाज कैपिटल के विश्वजीत पराशर।


अब आपकी पीएफ की रकम ईटीफ और रुपये में दिखेगी । ईपीएफओ के सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज की बैठक में फैसला हुआ है कि फिलहाल 4 फीसदी रकम ईटीफ यूनिट के तौर पर दिखेगी। बाकी रकम रकम कैश के तौर पर पीएफ खाते में दिखेगी। लेकिन भविष्य में ईटीएफ यूनिट का प्रतिशत बढ़ सकता है।


 ईपीएफओ फिलहाल आपके फंड का 15 फीसदी ईटीएफ के जरिए शेयर बाजार में निवेश करता है। यही नहीं ईपीएफओ ने अब निजी क्षेत्र के डबल ए प्लस बॉन्ड्स में भी निवेश का फैसला किया है। इसके पहले वो ट्रिपल ए रेटिंग वाले बॉन्ड्स में ही निवेश करता था।


बता दें कि सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज यानि सीबीटी ईपीएफओ के लिए निर्णय लेने वाली सर्वोच्च इकाई है। ईपीएफओ ने अब तक ईटीएफ में 32300 करोड़ रुपये का निवेश किया है। इस बैठक में ईटीएफ यूनिट को रिडीम करने का फॉर्मूला भी तय हुआ है जिसके मुताबिक रिटायरमेंट या पीएफ खाता बंद करने पर ईटीएफ यूनिट रिडीम हो सकेगी।


इसके अलावा क्लेम सेटलमेंट की प्रक्रिया तेज़ करने की भी कवायद जारी है और आगे सेंट्रलाइज्ड पेमेंट सिस्टम को मंज़ूरी मिल सकती है। अब एनपीसीआई के जरिए पेमेंट होगा। श्रम मंत्री की तरफ से कहा गया है कि पेंशन कॉन्ट्रिब्यूशन बढ़ाने से जुड़े विवाद को लेकर 15 दिसम्बर को पेंशनर्स के साथ बैठक होगी। ब्याज दरों पर फैसला अगली बैठक में संभव है।