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योर मनीः कैसे करें एनआरआई भारत में निवेश

प्रकाशित Thu, 31, 2018 पर 15:18  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

एनआरआई निवेश एक ऐसा विषय है। एनआरआई भारत में कैसे निवेश कर सकते हैं और एनआरआई के लिए पीपीएफ या दूसरे डेट विकल्प कितने मुनाफेदार हैं ये जानने के लिए हमारे साथ मौजूद हैं बोनांजा पोर्टफोलियो के वेल्थ मैनेजमेंट और फाइनेंशियल प्लानिंग हेड अचिन गोयल।


अचिन गोयल का कहना है कि एनआरआई भारत में दो तरह के खाते खोलने की जरुरत है। पहला एनआरई खाता यानि नॉन रेजिडेंट एक्सटर्नल और एनआरओ खाता यानि नॉन रेजिडेंट ऑर्डिनरी। नॉन रेजिडेंट एक्सटर्नल यानि एनआरई खाते में फॉरेन करेंसी जमा कर रूपये में बदली कर सकते है। साथ ही एनआरई खाते से भारत में पैसे ट्रांसफर कर सकते हैं। एनआरई खाता टैक्स फ्री होता है। इसमें सेविंग, रेकरिंग, फिक्सड खाते का विकल्प है। एनआरई खाते से पैसे विदेश ले जा सकते हैं। साथ ही विदेश से होने वाली कमाई को भी जमा की जा सकती है।


एनआरओ खाता यानि नॉन रेजिडेंट ऑर्डिनरी खाते में भारत में कमाई हुई रकम जमा कर सकते है। खाते में सिर्फ भारत की करेंसी में पैसा रखा जा सकता है। इसमें कमाई का स्रोत भी भारत होना चाहिए। एनआरओ खाते में आर्थिक लेनदेन पर टैक्स लगता है। इसमें सेविंग, रेकरिंग, फिक्सड खाते का विकल्प है। एनआरओ खाते में 10 लाख से ज्यादा तक की रकम पर आरबीआई की इजाजत पर विदेश ले जा सकते हैं।


अब एनआरआई छोटी बचत योजनाओं में ज्यादा कमाई नही कर पाएंगें। छोटी बचत योजनाओं को लेकर नियमों में बदलाव किए गए हैं। ये बदलाव पीपीएफ और एनएससी से जुडें हैं। अब अगर खाताधारक एनआरआई हो जाते हैं तो उनका पीपीएफ और एनएससी खाता बंद कर दिया जाएगा और एनआरआई स्टेटस होने पर उन्हे पोस्ट ऑफिस का 4 फीसदी ब्याज मिलेगा। 4 फीसदी ब्याज की कमाई एनआरआई स्टेटस मिलेने पर लागू हो जाएगा। ये बदलाव पीपीएफ और एनएससी में निवेश को लेकर है। इसलिए एनआरआई बनते ही खाता बंद कर दें।


निवेश और टैक्स को समझा जाएं तो एनआरआई के लिए निवेश पर कमाया डिविडेंड टैक्स फ्री है। इक्विटी पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन पर टैक्स नहीं है। हालांकि इक्विटी पर शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन टैक्स पर 15 फीसदी टैक्स देना होगा। एनआरओ खाते पर कमाए ब्याज पर टैक्स है। आपको 2.5 लाख तक की कमाई पर टैक्स नहीं देना होता। टीडीएस को रिफंड के लिए क्लेम करें। रिफंड के लिए रिटर्न फाइल करना जरूरी है।


भारत लौट आने पर एनआऱआई तमाम निवेशों में बदलाव करें। भारत में बैंक खाता खोलें। भारत में बिताए दिनों के आधार पर टैक्स लगाया जाएगा।