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योर मनीः सिम स्वौपिंग से खुद को कैसे बचाएं

प्रकाशित Sat, 28, 2018 पर 16:16  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

भारत में डिजिटल फ्रॉड की संख्या दिन ब दिन बढ़ती जा रही है। क्रेडिट कार्ड की क्लोनिंग हो, फिशिंग जैसा ऑनलाइन फ्रॉड या फिर स्किमिंग। मसला यहीं तक नहीं रुका है अब तो सिमकार्ड स्वॉप फ्रॉड भी होने लगा है। 2017 में आई रिपोर्ट देखें तो मोबाइल से होने वाले फ्रॉड में 45 गुना की बढ़ोतरी हुई है। ऑनलाइन फिशिंग फ्रॉड वाले देशों की लिस्ट में भारत तीसरे नंबर पर है। ऑनलाइन बैंकिग फ्रॉड के आंकड़े देखे तो भारत में सबसे ज्यादा यानि 18 फीसदी लोग इसके शिकार होते हैं। 2017 तक 25,800 डिजिटल फ्रॉड के मामले दर्ज हो चुके हैं। आंकड़े तो बढ़ रहे हैं लेकिन, इन सबसे के बीच आपकी डिजिटल ट्रांजैक्शन की सुरक्षा का क्या। योर मनी में हम आपको बताएंगे आपके डिजिटल सिक्योरिटी का प्लान और इसमें हमारा साथ देने के लिए मौजूद हैं एसआईएसए इंफोर्मेशन सिक्योरिटी के वाइस प्रेसिडेंट नितिन भटनागर और क्रेडिट सुधार के को-फाउंडर गौरव वाधवानी।


सबसे पहले बात करेंगें सिम स्वौपिंग की ये हैकर्स का नया हथियार है जिसके जरिए वो आजकल आपको चूना लगा रहे हैं। इसमें हैकर्स आपको ही फोन करके आपके सिम का क्लोन बना लेते हैं और ओटीपी हासिल कर आपका अकाउंट खाली कर देते हैं। अपनी खास पेशकश में आज हम बात करेंगे सिम स्वैपिंग की। लेकिन पहले देख लेते हैं आखिर सिम स्वैपिंग का पूरा क्या गोरखधंधा है।


ये कोई फिल्मी कहानी नहीं, बल्कि ये नया तरीका है जिसके जरिए हैकर्स आपकी गाढ़ी कमाई पर सेंध लगा रहे हैं। टेक्निकल भाषा में इस ऑनलाइन फ्रॉड को कहा जाता है सिम स्वैप।


हैकर्स खुद को टेलीकॉम कंपनी का कर्मचारी बताकर आपका 20 अंको वाला सिम कार्ड नंबर लेते हैं। जिसके बाद किसी खास सर्विस के लिए आपको एक नंबर दबाकर रिप्लाई करने को कहा जाता है। जैसे ही आप ये नंबर दबाते हैं आपके मोबाइल से नेटवर्क गायब हो जाता है और यहीं से शुरू हो जाता है सिम स्वैप का डर्टी गेम जैसे ही आप हैकर्स को अपना सिम नंबर देते हैं। वो आपका डुप्लिकेट सिम बना लेता है। और जब आप खास मैसेज पर रिप्लाई करते हैं तो कंपनी को लगता है कि आपने नए सिम के लिए अप्लाई किया है। जिसके बाद आपका सिम बंद हो जाता है। ठीक उसी समय हैकर्स के पास मौजूद आपके डुप्लिकेट सिम पर नेटवर्क आ जाता है। ये सब कुछ होने में 2-3 घंटे का वक्त लगता है।


उस बीच चालाक हैकर्स आपको लगतार कॉल करते हैं ताकि आप परेशान होकार या तो फोन बंद कर दें या फिर उसे म्यूट कर दें और आपको किसी तरह का कोई मैसेज अपने सर्विस प्रोवाइडर से न मिले। और एक बार सिम स्वैप सक्सेसफुल हुआ तो फिर आप को वो कभी पता नहीं लगेगा। इस तरह के फ्रॉड में हैकर्स के पास आपका बैंक अकाउंट नंबर या एटीएम कार्ड नंबर पहले से होता है, जो वो फिशिंग के जरिए हासिल कर चुका होता है। बस जरूरत होती है तो ओटीपी की जो आपके सिम स्वैप करने से मिल जाता है। और ओटीपी हासिल होते ही आपकी मेहनत की कमाई मिनटों में उड़ जाती है।


ये हैकर्स इतने चालाक होते हैं कि कई बार फोन करके तो ये आपको इतना परेशान कर देते हैं कि आप गुस्से में आकर फोन ही बंद कर देते हैं। और इसी का वो इंतजार करते हैं ताकि पैसे उड़ाने पर आपके नंबर पर बैंक के मैसेज ना आएं।


आखिर क्या इलाज है सिम स्वैप से बचने का और कैसे पता करें कि आपके पास आने वाले कॉल्स सही हैं या नहीं। इस पर आज हम करेंगे खास चर्चा। ताकि बची रहे आपकी जेब इसलिए हम कर रहे हैं सावधान हो जाइए और अपनी सिम बचाइए।


जानकारों का कहना है कि एंड्रॉयड यूजर को ज्यादा सावधानी की जरुरत है। सिम स्वैप का खतरा बैंकिंग ऐप में है। ऐप खोलते वक्त पॉप अप पर क्लिक ना करें। पॉप अप पर क्लिक करने से डाटा लीक का खतरा बढ़ जाता है। पॉप अप पर मिल रहे ऑफर्स के झांसे में ना आएं। बैंक की ऑफिशियल वेबसाइट से ही ऐप डाउनलोड करें। गूगल प्ले से ऐप डाउनलोड करें। फोन में एंटी वायरस जरूर डाउनलोड करें। अनजान ई-मेल अटैचमेंट ना खोलें।