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इस दिवाली सोने में कैसे करें निवेश का सही प्लान!

दिवाली पर सोने में निवेश का प्लान, गोल्ड बॉन्ड से करें निवेश की शुरुआत।
अपडेटेड Oct 27, 2016 पर 14:31  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

योर मनी पर हम आपको तैयार करे रहे हैं, दिवाली पर शुभ निवेश के लिए। त्योहारी खरीदारी तो आपकी चल ही रही होगी, थोड़ा अपनी फाइनेंशियल प्लानिंग पर गौर किजिए, और दिवाली के इस पर्व पर अपने आर्थिक लक्ष्यों की तरफ एक कदम और बढ़ाइए। साथ ही जानेंगे कि दिवाली पर सोना में निवेश का प्लान, गोल्ड बॉन्ड से करें निवेश की शुरुआत। गोल्ड बॉन्ड कहां से और कैसे खरीदें। आज हमारे साथ इन सभी सवालों के जवाब देगी फाइनेंशियल प्लानर पूनम रूंगटा।


पूनम रूंगटा का कहना है कि गोल्ड बॉन्ड जोखिम से सुरक्षा के लिए सोने में थोड़ा निवेश जरूरी होता है। पोर्टफोलियो में 5-10 फीसदी सोना रखना बेहतर होता है। हाजिर सोने और ईटीएफ की बजाय गोल्ड बॉन्ड बेहतर विकल्प है। गोल्ड बॉन्ड में 2.5 फीसदी ब्याज और 50 का डिस्काउंट भी है। गोल्ड बॉन्ड में कीमतें बढ़ने का फायदा भी मिलेगा। बॉन्ड पर सरकार की गारंटी है। डीमैट या पेपर के तौर पर रखने की सुविधा होगी। गोल्ड बॉन्ड को लोन के एवज में गिरवी रख सकते हैं और कैपिटल गेन टैक्स में छूट और इंडेक्सेशन का फायदा मिल सकता है।


गोल्ड बॉन्ड स्कीम के तहत छठा चरण 24 अक्टूबर - 2 नवंबर के बीच है। बॉन्ड का इश्यू प्राइस 2957 रुपये प्रति ग्राम है। बॉन्ड पर 50 रुपये प्रति ग्राम का डिस्काउंट मिलेगा। बॉन्ड पर ब्याज 2.75 फीसदी से घटकर 2.5 फीसदी हो गई है। बॉन्ड की अवधि 8 साल तय़ की गई है। जिसे 5 साल बाद निकलने का विकल्प भी मौजूदा है। कम से कम 1 ग्राम और अधिकतम 500 ग्राम का निवेश मुमकिन हैं। बॉन्ड की एक्सचेंजों पर ट्रेडिंग होगी।
 
पूनम रूंगटा के मुताबिक गोल्ड बॉन्ड के मुकाबले ज्वेलरी की तुलना में गोल्ड बॉन्ड लेना ज्यादा फायदेमंद है। ज्वेलरी में मेकिंग चार्ज और स्टोरेज की अतिरिक्त खर्च है। लेकिन गोल्ड बॉन्ड में कोई अतिरिक्त खर्च नहीं लगता। बल्कि गोल्ड बॉन्ड में 2.5 फीसदी ब्याज भी मिलेगा। गोल्ड बॉन्ड को खरीदने  के लिए बैंक, पोस्ट ऑफिस, एनएससी एजेंट को अर्जी दे सकते हैं। बीएसई, एनएसई, एसएचसीआईएल में भी अर्जी दे सकते हैं।