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पीएफ पर घटी ब्याज दरें, क्या होगा असर

प्रकाशित Fri, 23, 2018 पर 09:42  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

सरकार ने नौकरीपेशा लोगों को एक और झटका दिया है। अब पीएफ पर ब्याज दर 8.65 फीसदी से घटा कर 8.55 फीसदी कर दी है। इस के साथ साथ हम देख रहे हैं लगातार छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों में कैंची चलाई जा रही है। लेकिन ईपीएफ को आप कैसे समझें, इसमें कैसे निवेश होता है, योर मनी आपको इसी से रूबरू करवाएगा और साथ ही आज हम देंगे युवाओं के निवेश से जुड़े सवालों का जवाब और हमारा साथ देने के लिए मौजूदा ऑप्टिमा मनी मैनेजर्स के डायरेक्टर पंकज मठपाल।


सरकार ने नौकरीपेशा लोगों को एक और झटका दिया है। अब पीएफ पर ब्याज दर 8.65 फीसदी से घटा कर 8.55 फीसदी कर दी है। पिछले पांच साल में ये सबसे कम ब्याज दर है। श्रम मंत्री संतोष कुमार गंगवार का कहना है कि डेट निवेश पर कम रिटर्न की वजह से ब्याज दरों में मामूली कटौती की गई है। वहीं ईपीएफओ ने एडमिनिस्ट्रेटिव चार्जेज में भी कटौती की है। दूसरी ओर ने बोर्ड ने तय किया है कि किसी कंपनी में 10 से ज्यादा कर्मचारी हों तो कर्मचारियों का पीएफ काटना जरूरी होगा, पहले ये सीमा 20 कर्मचारियों की थी।


पंकज मठपाल का कहना है कि प्रॉविडेंट फंड में नौकरी के दौरान रिटायरमेंट के लिए कुछ पैसा कटता है। आमतौर पर बेसिक का 12 फीसदी हिस्सा पीएफ में कटता है। जितना हिस्सा कर्मचारी का उतना ही हिस्सा एम्पलॉयर भी देता है। साल 2017-2018 के लिए सालाना 8.65 फीसदी दर से ब्याज मिलता है। 5 साल की सदस्यता के बाद पैसे निकालने पर टैक्स नहीं लगता।


उन्होंने आगे बताया कि एंप्लॉइ पेंशन स्कीम के तहत रिटायरमेंट के लिए सेविंग का एक अलग विकल्प है। एंप्लॉयर के ईपीएफ के 12 फीसदी हिस्से में से 8.33 फीसदी हिस्सा ईपीएस में जाता है। बेसिक सैलेरी 15,000 रुपये प्रति माह से ज्यादा होने पर ईपीएस हिस्सा 8.33 फीसदी पर सीमित है। बाकी हिस्सा ईपीएस में निवेश होता है।


पंकज मठपाल के मुताबिक में वॉलेटरी प्रोविडेंट फंड में पीएफ के तहत कवर हो रहे लोगों के लिए होता है। अपनी इच्छा के मुताबिक पीएप में निवेश बढ़ा सकते हैं। पीएफ के मुताबिक ही ब्याज में मिलता है। वॉलेटरी प्रोविडेंट फंड में एंप्लॉयर 12 फीसदी से ज्यादा देने के लिए बाध्य नहीं है।


यूनिवर्सल अकाउंट नंबर में ईपीएफओ हर पीएफ खाताधारक को यूएएन देता है। नई नौकरी पर पीएफ खाता ट्रांसफर करने पर यूएएन की जरूरत होती है। यूएएन से पैसे ट्रांसफर या निकालने में आसानी होती है।


पीएफ पर एम्प्लॉयर के हिस्से पर टैक्स में छूट मिलती है। एम्प्लॉई के निवेश के लिए सेक्शन 80सी में फायदा मिलता है। पीएफ अकाउंट पर माता-पिता, पति-पत्नी, या बच्चे ऩॉमिनी हो सकते है। शादी के बाद दोबारा नॉमिनेशन भरना होगा। जिसके बाद शादी के पहले भरा नॉमिनेशन रद्द होगा।


हालांकि पीएफ अकाउंट से पैसे निकालने की कुछ शर्तें है। आप नौकरी में रहते हुए पूरा पैसा नहीं निकाल सकते है। इमर्जेंसी के लिए कुछ पैसा निकालने की छूट मिलती है। मेडिकल, शादी, बच्चे की पढ़ाई, घर खरीदने के लिए निकाल सकते हैं।


बता दें कि नौकरी छोड़ने के बाद कम से कम 2 महीने बेरोजगार होंने के बाद आप पीएफ से पूरे पैसे निकाल सकते है और रिटायरमेंट के बाद ही पूरा पैसा निकलेगा।