एलटीसीजी टैक्स से जुड़े सवालों पर जवाब -
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एलटीसीजी टैक्स से जुड़े सवालों पर जवाब

प्रकाशित Sat, 10, 2018 पर 14:15  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

योर मनी पर आज कर रहें हैं सवालों का मैराथन। बजट के बाद से कई दर्शकों को लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स से जुडे सवालों पर क्लेरिटी चाहिए तो योर मनी आज फटाफट इस से जुडे सवालों पर आपको सलाह देगा और मेरे साथ हैं वाइस इनवेस्ट एडवाइजर के हेमंत रूस्तगी।


सवालः अगर फंड हाउस कोई शेयर 1 साल बाद बेच दे तो क्या उसपर 10 फीसदी एलटीसीजी टैक्स लगेगा? ऐसी स्थिति में क्या इसका असर निवेशक की एनएवी पर होगा?क्या ये निवेशक के 1 लाख से कम मुनाफे पर टैक्स लगाने जैसा नहीं? क्या फंड से निकलने पर फिर से टैक्स लगेगा?


हेमंत रूस्तगीः निवेशक को हुए मुनाफे पर 10 फीसदी एलटीसीजी टैक्स लगेगा। फंड हाउस को इस पर कोई टैक्स नहीं भरना है। फंड से निकासी के वक्त ही एलटीसीजी टैक्स लगेगा। सिर्फ इक्विटी और इक्विटी ओरिएंटेड फंड के मुनाफे पर टैक्स लगेगा। 1 लाख से ज्यादा मुनाफे पर ही टैक्स देना होगा। 1 साल से ज्यादा लंबे निवेश पर एलटीसीजी टैक्स लगेगा। 31 मार्च 2018 से पहले निकासी पर टैक्स नहीं लगेगा और 1 अप्रैल 2018 के बाद फंड से निकलने पर टैक्स लगेगा। 31 जनवरी 2018 तक हुए मुनाफे पर टैक्स नहीं देना होगा। आईटी रिटर्न भरते वक्त एलटीसीजी दिखाना होगा


सवालः लंबी अवधि के लिए एकमुश्त निवेश करें या एसआईपी? एलटीसीजी टैक्स के लिहाज से दोनों में से क्या बेहतर?


हेमंत रूस्तगीः आपके निवेश पर एलटीसीजी टैक्स का असर होगा। एलटीसीजी टैक्स के बावजूद म्युचुअल फंड में निवेश फायदेमंद होगा। इक्विटी में लंबे समय तक निवेश से फायदा मिलेगा। बड़ा कॉर्पस बनाने के लिए इक्विटी फंड बेहतरीन है। बाजार के उतार-चढ़ाव से घबराएं नहीं। एसेट एलोकेशन पर ध्यान दें। अवधि के आधार पर एकमुश्त या एसआईपी का जरिया चुनें। निवेश के लिए एकमुश्त और एसआईपी दोनों कर सकते हैं। निवेशक क्षमता के अनुसार निवेश का जरिया चुनें। एसआईपी के निवेश में हर किस्त को 1 साल पूरा होने दें। किस्त की तारीख से उसका एक साल गिना जाएगा वित्त वर्ष में 1 लाख तक की निकासी पर टैक्स नहीं लगेगा।