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कैशलेस इकोनॉमी का आधार, बिना इंटरनेट कैशलेस की सुविधा!

हम बता रहे हैं कि कैशलेस लेनदेन एक अंगुली की छाप से, आधार से कैसे हो सकते हैं डिजिटल।
अपडेटेड Dec 21, 2016 पर 14:11  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

योर मनी में हम बात करेंगे एईपीएस के जरिए पेमेंट की और कैसे आधार अनएबल पेमेंट सिस्टम का इस्तेमाल सिर्फ माइक्रो एटीएम में ही नही, आम लेन देन में भी किया जा सकता है। साथ ही जानेंगे कैसलेस लेनेदेन एक अगूली की छाप से, आधार से कैसे हो सकते है डिजिटल।  आज हमारे साथ है रूंगटा सिक्योरिटीज के सीएफपी हर्षवर्धन रूंगटा।


हर्षवर्धन रूंगटा का कहना है कि आधार को बैंक खाते से जोड़कर लेनदेन संभव बनाया गया है। बैंक खाते में बतौर पहचान पत्र आधार को जोड़ सकते हैं और आधार नंबर से बैंकिंग ट्रांजैक्शन कर सकते हैं।
हर्षवर्धन रूंगटा के मुताबिक आधार से लेनदेन करने के लिए बैंक खाते से आधार नंबर को जोड़ना होगा। जिसके बाद आधार नंबर के जरिए माइक्रो एटीएम से लेनदेन हो सकता है। इसके लिए लेन देन की जानकारी और अंगुली की छाप देनी होगी फिर आधार कार्ड का नंबर डालना होगा। अंगुली की छाप से लेन-देन की प्रक्रिया पूरी होती है।


हर्षवर्धन रूंगटा के अनुसार आधार की कई सेवाएं है जिसमें बैंक खाते में राशि की जानकारी होती है। आधार से आधार फंड ट्रांसफर हो सकता है। इससे खाते से पैसे निकाल सकते हैं औऱ नकद रकम जमा करा सकते हैं।


एईपीएस के फायदे कई तरह के है और यह आसान और सुरक्षित लेनदेन का तरीका है। इससे धोखाधड़ी या फ्रॉड के खतरे से बेहद सुरक्षा मिलती है। इसके जरिए सरकारी योजनाओं का लाभ सीधा खाते में आता है और  ग्रामीण इलाकों तक कैशलेस की सुविधा भी मिलेगी।


सवालः 3-6 महीने के लिए लिक्विड फंड में निवेश करना है, कौन सा फंड सही है? लिक्विड फंड के रिटर्न पर टैक्स लगता है? 


हर्षवर्धन रूंगटाः सारे एएमसी में लिक्विड और अल्ट्रा शॉर्ट फंड का विकल्प होता है। चुने हुए इक्विटी फंड के ही लिक्विड फंड में निवेश कर सकते हैं। लिक्विड फंड के रिटर्न पर टैक्स होता है। हालांकि 3 साल से कम के निवेश पर लिक्विड फंड में टैक्स लगता है। लिक्विड और अल्ट्रा शॉर्ट टर्म फंड के लिहाज से एचडीएफसी कैश मैनेजमेंट फंड ट्रेजरी एडवांटेज प्लान, बिड़ला सनलाइफ सेविंग फंड औऱ आईडीएफसी मनी मैनेजर फंड ट्रेजरी प्लान ले सकते है।