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छोटी बचत को बड़ा बढ़ावा, बैंक भी बेचेंगे एनएससी

सरकार को उम्मीद है कि बैंकों को शामिल करने से छोटी बचत योजनाओं में निवेश बढ़ेगा।
अपडेटेड Oct 23, 2017 पर 19:02  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

योर मनी आपकी फाइनेंशियल हैल्थ का पूरा ख्याल रखता है। लखपती बनना हो ये करोड़पति योर मनी के पास है आपके आर्थिक किस्मत की चाभी का नुस्खा और ये नुस्खा बताने के लिए यहां आवाज़ के साथ हैं रूंगटा सिक्योरिटीज के डायरेक्टर हर्षवर्धन रूंगटा।


सबसे पहले आपको बता दें कि कि अब आप एनएससी, रेकरिंग, मंथली इनकम प्लान जैसी छोटी बचत योजनाएं बैंक से भी खरीद सकते हैं। सरकार सभी सरकारी बैंकों और 3 निजी बैंकों एचडीएफसी, आईसीआईसीआई और एक्सिस बैंक को एनएससी, रेकरिंग डिपॉजिट और मंथली डिपॉजिट बेचने की इजाजत दे दी है। अभी तक ये योजनाएं सिर्फ पोस्ट ऑफिस में मिलती थीं। बैंक पीपीएफ, किसान विकास पत्र, सुकन्या समृद्धि जैसी योजनाएं बेचते थे। सरकार को उम्मीद है कि बैंकों को शामिल करने से छोटी बचत योजनाओं में निवेश बढ़ेगा।


छोटी बचत पर होने वाली कमाई की बात करें तो पीपीएफ पर सालाना 7.8 फीसदी ब्याज मिलता है, वहीं किसान विकासपत्र पर 7.5 फीसदी ब्याज मिलता है। सीनियर सिटिजन स्कीम पर 8.3 फीसदी तो नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट पर 7.8 फीसदी सालाना ब्याज मिलता है। सुकन्या समृद्धि स्कीम पर 8.3 फीसदी सालाना और आरडी पर सालाना 7.0-7.75 फीसदी ब्याज मिलता है।