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योर मनीः फंड को पोर्टफोलियो से कब करें बाहर

प्रकाशित Tue, 11, 2018 पर 13:24  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

फंड में निवेश करने का फंडा बस इतना होता है कि आप लक्ष्य को बांध लीजिए, उसे समय की अवधि दे दीजिए और हर साल अपने निवेश को बढाते रहिए। लेकिन इस आसान से लॉजिक पर भी निवेशकों को काफी उलझन रहती है और इसी उलझन को दूर करने के लिए हमारे साथ मौजूद हैं रूंगटा सिक्योरिटीज के सीएफपी हर्षवर्धन रूंगटा।


सवालः फंड से निकलने का समय कैसे तय करें? 1 साल से ज्यादा घाटा तो क्या फंड से निकल जाएं?


हर्षवर्धन रूंगटाः निवेश शुरू करने से पहले लक्ष्य तय करें। लक्ष्य से मेल खाते एसेट क्लास का चुनाव करें। इक्विटी में निवेश है तो उतार चढाव के बाद भी निवेश जारी रखें। एसआईपी के जरिए निवेश करते रहें। स्कीम के बेंचमार्क से और उसी केटेगरी के फंड के प्रदर्शन से तुलना करें। फंड 2 साल से परफॉर्म नहीं कर रहा है तो स्कीम से निकल जाएं। फंड स्विच करते वक्त उसी एसेट क्लास में निवेश करें।


सवालः इन्वेस्को इंडिया कॉन्ट्रा फंड में निवेश करना सही है?


हर्षवर्धन रूंगटाः इंडस्ट्री के टॉप 10 फंड हाउस में निवेश करना बेहतर है। आईसीआईसीआई प्रु. वैल्यू फंड में निवेश करें।