बैंक बनने की कोई योजना नहीं: क्रेडिट एक्सेस ग्रामीण -
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बैंक बनने की कोई योजना नहीं: क्रेडिट एक्सेस ग्रामीण

प्रकाशित Wed, 08, 2018 पर 14:17  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

बंगलुरु बेस्ड माइक्रो फाइनेंस कंपनी क्रेडिट एक्सेस ग्रामीण का आईपीओ इश्यू आज यानि 8 अगस्त से खुल गया है जो 10 अगस्त को बंद होगा। इसका प्राइस बैंड है 418 से 422 रुपये। 35 शेयरों के लॉट साइज वाले इस इश्यू के जरिए कंपनी 1131 करोड़ रुपये तक जुटाना चाहती है।


क्रेडिट एक्सेस ग्रामीण गरीब महिलाओं को छोटे-छोटे कर्ज बांटने के कारोबार में है और कंपनी देश के 8 राज्यों में मौजूद है। कंपनी की शाखाएं 8 राज्यों के 132 जिलों में मौजूद हैं। इसकी कुल 516 शाखाएं और 4544 लोन ऑफिसर हैं।


क्रेडिट एक्सेस ग्रामीण भारत की प्रमुख माइक्रो फाइनेंस कंपनी है। कंपनी का ग्रामीण महिलाओं को माइक्रो लोन देने पर फोकस है। लोन पोर्टफोलियो में क्रेडिट एक्सेस ग्रामीण तीसरी सबसे बड़ी एनबीएफसी-एमएफआई है। कंपनी शहरों में ₹1.6 लाख से कम आय वाली महिलाओं और गांवों में ₹1 लाख से कम आय वाली महिलाओं को लोन देती है।


कंपनी के फाइनेंशियल्स काफी मजबूत हैं। वित्त वर्ष 2014-18 के बीच कंपनी के मुनाफे में सालाना आधार पर 65 फीसदी, एयूएम में 57 फीसदी और लोन बुक में 56 फीसदी की बढ़त देखने को मिली है। कंपनी का ऑपरेटिंग एक्सपेंस रेश्यो सबसे कम है। इसका कॉस्ट टू इनकम रेश्यो भी कम है।


कंपनी के कमजोर पक्षों की बात करें तो कंपनी एक क्षेत्र में सीमित है। इसका करीब 87 फीसदी लोन पोर्टफोलियो महाराष्ट्र, कर्नाटक से है। डाइवर्सिफिकेशन, टेक्नोलॉजी अपग्रेड करने से इसका ऑपरेटिंग रेश्यो बढ़ेगा। डीमॉनेटाइजेशन के बाद कंपनी का एनपीए बढ़ा है। 2.9X P/BV की वजह से ज्यादा बढ़त की उम्मीद नहीं है।


क्रेडिट एक्सेस ग्रामीण आईपीओ पर एमके और एंटीक की दूर रहने की सलाह है जबकि एसएमसी ग्लोबल और हेम सिक्योरिटीज की इसमें सब्सक्राइब करने की सलाह है।


क्रेडिट एक्सेस ग्रामीण के सीईओ उदय कुमार ने सीएनबीसी-आवाज़ से बात करते हुए कहा कि कंपनी सिर्फ महिलाओं को लोन देती है। कंपनी के 18.5 लाख महिला ग्राहक हैं। कंपनी महिलाओं को बिना किसी जमानत के लोन देती है। कंपनी की पहुंच उन क्षेत्रों में है जहां बैंकों की पहुंच नहीं है। कंपनी एनबीएफसी-एमएफआई ही रहेगी उसकी बैंक बनने की कोई योजना नहीं है।