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वेडिंग लोन ले रहे हैं! लेकिन क्या जानते हैं ये बातें?

प्रकाशित Tue, 23, 2019 पर 11:07  |  स्रोत : Moneycontrol.com

भारत में शादियों पर खर्चा जमकर किया जाता है। यहां शादियों में इतना खर्च किया जाता है कि बजट गड़बड़ हो जाता है। लेकिन ऐसी मुसीबत से बचने के लिए वेडिंग लोन का सहारा लिया जा सकता है।


पहले बैंक पर्सनल लोन ही प्रोवाइड कराते थे, लेकिन अब अलग अलग जरूरतों के लिए अलग अलग तरीके के लोन मिलने लगे हैं। ऐसा ही लोन है वेडिंग लोन। यूं तो शादी के खर्चा का अलग अलग परिवार और हैसियत के हिसाब से बजट तैयार किया जाता है लेकिन शादी किसी की भी हो अमीर की या गरीब की बजट इधर-उधर हो ही जाता है। ऐसे में वेडिंग लोन से काफी मदद मिल सकती है।


कई बैंक हैं जो वेडिंग लोन देते हैं, जैसे एसबीआई सरल पर्सनल लोन, एक्सिस बैंक वेडिंग लोन, आईसीआईसीआई बैंक पर्सनल लोन फॉर वेडिंग्स, एचडीएफसी पर्सनल लोन लाइफस्टाइल लोन, टाटा कैपिटल वेडिंग लोन और पीएनबी पर्सनल लोन। यह सभी बैंक फ्लैक्सिबल एमआई के ऑप्शंस देते हैं। साथ ही इन पर कोई पेमेंट चार्ज भी नहीं लगता। सैलरीड और सेल्फ एंप्लॉयड कस्टमर्स के लिए बैंक अक्सर 20 लाख तक का लोन देते हैं। ऐसे लोन पर आमतौर पर 10.75 से लेकर 19 फीसदी तक का इंटरेस्ट रेट लगता है। ऐसे लोन की अवधि 1 साल से 5 साल तक की हो सकती है।


लेकिन वेडिंग लोन लेने से पहले कुछ बातें हैं जो ध्यान में रखनी चाहिए,


वेडिंग लोन लेने से पहले शादी के खर्चे का खाका बना लेना चाहिए। यह समझ लेना चाहिए कि कितने लोन की जरूरत है। लोन अपने बजट के हिसाब से ही लेना चाहिए। इससे आपको पता चल जाएगा कि आपको कितने लोन की जरूरत है। ये देखना चाहिए कि कितना ईएमआई आराम से चुकाया जा सकता है।


अगर आपके पास पहले से ही कोई लोन चल रहा है तो कोशिश करिए कि उसे पहले चुका दें। बैंक किसी को भी लोन देने से पहले उसके लोन एलिजिबिलिटी चेक करते हैं। उसकी मंथली इनकम के हिसाब से उसकी एलिजिबिलिटी तय होती है और इसी के साथ रेट ऑफ इंटरेस्ट और लोन टेन्योर तय होता है। अगर आपके ऊपर पहले ही कोई लोन चढ़ा हुआ है तो लोन मिलने में थोड़ी परेशानी हो सकती है। 


तीसरा अपने लोन का अमाउंट पता चलने के बाद अपनी ईएमआई का हिसाब देखना चाहिए। अनसिक्योर्ड पर्सनल लोन पर आमतौर पर व्यक्ति की मंथली सैलरी का 35 से 40 फीसदी एमआई में जाता है। अपनी सेविंग्स और मंथली इनकम के हिसाब से ईएमआई का हिसाब लगाकर देखना चाहिए कि कितना ईएमआई आराम से चुकाया जा सकता है। कभी भी ईएमआई का अमाउंट आपकी इनकम के 40 फीसदी हिस्से से ज्यादा नहीं होना चाहिए। उतना ही ईएमआई का हिसाब रखिए जितना आराम से चुकाया जा सके।


हमेशा अपने क्रेडिट स्कोर का ध्यान रखना चाहिए। बैंक लोन का रेट व्यक्ति की मंथली इनकम, उनकी क्रेडिट हिस्ट्री और क्रेडिट स्कोर देखकर तय करते हैं।अच्छा क्रेडिट स्कोर 750 के आसपास या इसके ऊपर होता है। बैंक पर्सनल लोन तभी अप्रूव करते हैं जब क्रेडिट स्कोर अच्छा हो। इसके अलावा व्यक्ति का प्रोफेशन भी लोन लेने के लिए काफी मायने रखता है। सैलरीड कस्टमर को कम रेट में लोन मिल जाता है वही सेल्फ एंप्लॉयड प्रोफेशनल्स को थोड़े ज्यादा रेट में लोन मिलता है।


लोन लेने से पहले सभी बैंक और फाइनेंस कंपनी के ऑफर्स चेक कर लें। कभी भी जल्दबाजी में लोन ना लें। जो बैंक अलग से वेडिंग लोन प्रोवाइड नहीं कराते हैं वह काफी किफायती रेट पर  शादी के लिए पर्सनल लोन ऑफर करते हैं। इसके अलावा आपको इंटरेस्ट रेट, प्रोसेसिंग फीस और दूसरे चार्जेस का भी ध्यान रखना चाहिए और सभी बैंकों और फाइनेंस कंपनी के ऑफर्स देखने के बाद ही अपने हिसाब से ऑफर चुनना चाहिए।