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छुट्टियों के लिए ट्रैवल लोन लेना है तो फॉलो करें ये टिप्स

छुट्टियों के लिए आपका बजट गवाही नहीं दे रहा, तो ट्रैवल लोन का सहारा ले सकते हैं
अपडेटेड Apr 30, 2019 पर 14:20  |  स्रोत : Moneycontrol.com

गर्मियों की छुट्टियां आ रही हैं। अगर आप भी कहीं घूमने जाने का प्लान बना रहे हैं, लेकिन आपका बजट इसके लिए गवाही नहीं दे रहा, तो आप ट्रैवल लोन का सहारा ले सकते हैं। ट्रैवल लोन भी एक तरीके का पर्सनल लोन होता है जो ट्रैवलिंग खर्चों के लिए बैंक या फाइनेंस कंपनीज ऑफर करती हैं।


ट्रैवल लोन लेने का कॉन्सेप्ट नया है। लेकिन धीरे-धीरे इसकी स्वीकार्यता बढ़ी है। इसके अलावा बैंक और फाइनेंसिंग कंपनीज ट्रैवल लोन के लिए आकर्षक ऑफर्स दे रही हैं।


हालांकि, ट्रैवल लोन लेने से पहले कुछ बातों का ध्यान जरूर रखना चाहिए ताकि आपका क्रेडिट स्कोर भी खराब ना हो और आप अपने सफर का जमकर लुत्फ उठा सकें।


बजट और डॉक्यूमेंट भूलकर भी न भूलें


सफर के एक्साइटमेंट अपना बजट बनाना न भूलें। अपनी टिकट बुकिंग, आने-जाने का खर्चा, ठहरने, खाने पीने और शॉपिंग के खर्चे का पूरा गणित लगा लीजिए। इससे आप गैरजरूरी परेशानी से भी बचेंगे आपको कितने का लोन अमाउंट चाहिए होगा ये भी क्लियर हो जाएगा। साथ ही लोन के अप्रूवल के लिए सैलरी स्लिप, अड्रेस प्रूफ, बैंक स्टेटमंट, आईडी प्रूफ, पासपोर्ट साइज जैसे डॉक्यूमेंट्स के अलावा टिकट बुकिंग, ट्रैवल प्लान, एकोमोडेशन वगैरह की डिटेल्स तैयार रखें।


लोन अमाउंट


हमेशा उतना ही लोन लें जितना आसानी से चुका पाने में सक्षम हों। लोन अमाउंट इतना होना चाहिए कि आप ईएमआई भी चुका सकें और आपकी आर्थिक जरूरतें भी पूरी हो जाएं। ज्यादा लोन लेने से आपके ऊपर गैरजरूरी दबाव पड़ेगा। ध्यान रखें कि आपके लोन की ईएमआई आपके इनकम से 40 फीसदी या ज्यादा से ज्यादा 50 फीसदी से ज्यादा ना हो। अपने कर्ज और अपने इनकम का रेशियो ख्याल में रखकर ही लोन अमाउंट तय करना चाहिए।


लोन टेन्योर


लोन टेन्योर अपने ईएमआई का हिसाब लगाकर ही तय करना चाहिए। इतनी अवधि का ही लोन टेन्योर लेना चाहिए, जिसमें ईएमआई और इंटरेस्ट रेट आपके बजट और इनकम के हिसाब से हो। ईएमआई कैलकुलेटर की मदद से अपने लोन अमाउंट, ईएमआई औऱ लोन टेन्योर का हिसाब जरूर लगा लें।


रीपेमेंट


कोशिश करें कि आप फ्लैक्सिबल लोन रीपेमेंट के ऑप्शन चुनें। इससे आपको लंबी अवधि में अपनी सुविधा के अनुसार या फंड अवेलेबल होने की स्थिति में पेमेंट करने का विकल्प मिलेगा। कभी भी लोन लेते वक्त रीपेमेंट के प्रोसेस पर जरूर गौर कर लें. वर्ना आपको लॉक-इन पीरियड, प्रीपेमेंट पेनल्टी या फोरक्लोजर चार्जेज का पचड़ा झेलना पड़ सकता है।


ट्रैवल इंश्योरेंस लेना न भूलें


यूं तो कभी भी यात्रा के दौरान ट्रैवल इंश्योरेंस लेना ही चाहिए लेकिन ट्रैवल लोन लेते वक्त ये और भी जरूरी हो जाता है। अगर खुदा न खास्ता आपको किसी तरह का नुकसान होता है तो आप ट्रैवल इंश्योरेंस का सहारा ले सकते हैं। इससे आपकी ईएमआई की पेमेंट भी नहीं रुकेगी और नुकसान की भरपाई भी हो जाएगी।