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स्वैग से जीना है तो ये फॉर्मूला अपनाएं यूथ

लोन लेने से बचना जरूरी है नहीं तो किसी काम नहीं आएगा आपका स्वैग
अपडेटेड Apr 10, 2019 पर 11:40  |  स्रोत : Moneycontrol.com

आमतौर पर समझा जाता है कि युवाओं को फाइनेंशियल प्लानिंग का कोई आइडिया नहीं होता और न वो इस ओर ध्यान ही देते हैं। ये कुछ हद तक सही भी है कि आजकल का यूथ स्वैग में जीना पसंद करता है, लेकिन इस चक्कर में बटुए पर असर पड़ता है और कर्ज बढ़ता है वो अलग।


अगर आप भी युवा हैं और ईएमआई, बढ़ते खर्च और अस्त-व्यस्त बजट से परेशान हैं, तो हम आपको यहां कुछ ऐसे टिप्स और सलाह बता रहे हैं, जिनकी मदद से आप कर्ज और आउट ऑफ कंट्रोल बजट से बच सकते हैं।


क्रेडिट कार्ड के जंजाल से बचें


कैश न होने की स्थिति में अधिकतर लोग क्रेडिट कार्ड के इस्तेमाल को तरजीह देते हैं। लेकिन जहां इससे आपको आपकी मनचाही चीजें मिल जाती हैं, वहीं आपके ऊपर कर्ज भी बढ़ने लगता है। वहीं अगर आपने 45 दिनों के अंदर पेमेंट नहीं किया तो इंटरेस्ट भी जुड़ने लगता है। क्रेडिट कार्ड बहुत जरूरत हो तभी इस्तेमाल करें क्योंकि ये सुविधा एक तरह की सिरदर्दी है।


इससे आपकी फाइनेंशियल प्लानिंग पर भी बोझ पड़ता है। क्रेडिट कार्ड की सुविधा है तो इसका बेजा फायदा न उठाएं, इससे आपका ही नुकसान है।


ज्यादा इंटरेस्ट रेट के कर्ज से पाएं छुटकारा


आपने अगर पर्सनल लोन ले रखा है, तो सबसे उसे चुकाने की कोशिश करें। ज्यादा दरों पर लिए गए कर्ज आपको लंबे वक्त तक परेशान करके रख सकते हैं।


अपने खर्चों पर कंट्रोल करें


इसे अपनी आदतों में शामिल करें। इस आर्टिकल में दी गई कोई सलाह आपके काम नहीं आएगी, अगर आप अपने खर्च पर कंट्रोल नहीं रखेंगे। अपनी प्राथमिकताओं को समझिए। अपने जरूरी खर्चों के लिए सेविंग करिए। हर सेल और डील पर पैसे खर्च करने की जरूरत नहीं है।


बजट बनाकर चलिए


बजट बनाना काफी भारी काम महसूस हो सकता है लेकिन महीने में एक बार आपने अपना बजट बना लिया तो पूरा महीना हल्का बीतेगा। साथ ही आपको अपने इनकम का पूरा आउटलाइन भी पता होगा। अपने रेंट, ईएमआई, जरूरी पेमेंट्स का हिसाब-किताब बनाकर चलने पर आप बेकार के फालतू के खर्चों से भी बचेंगे।


जल्दबाजी में खर्च न करें


जल्दबाजी में खर्च करने से कई तरह के नुकसान होते हैं। बजट तो बिगड़ता ही है, आप गैर-जरूरी चीजें भी जुटा लेते हैं। साथ ही अगर कैश उपलब्ध न होने की स्थिति में आपने क्रेडिट कार्ड का सहारा लिया तो आपको अब हर महीने की ईएमआई का खर्चा अलग से उठाना पड़ेगा।