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योर मनीः समझें शॉर्ट टर्म लोन का फंडा

योर मनी आपको कर्ज लेने के आसान और कम ब्याज वाले विकल्प बताएंगें।
अपडेटेड Sep 01, 2018 पर 15:25  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

आपकी फाइनेंशियल प्लानिंग का बंटाधार हो सकता है जरूरत से ज्यादा लोन लेकर और क्रेडिट कार्ड को जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल करने पर। फाइनेंशियल अनुशासन ना सिर्फ सही निवेश से आता है, फाइनेंशियल पोर्टफोलियो बनाने में अपने उपर देनदारियों या कर्ज का ध्यान आपको रखना पडेगा। योर मनी आपको कर्ज लेने के आसान और कम ब्याज वाले विकल्प बताएंगें, साथ ही क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल पैसे बचाने के लिए कैसे किया जाए, इसका गुरूमंत्र योर मनी आपको देगा, जिसमें हमारा साथ देने के लिए मौजूद हैं फाइनेंशियल प्लानर अर्णव पंड्या और क्रेडिट सुधार के को-फाउंडर गौरव वाधवानी।


जानकारों का कहना है कि शॉर्ट टर्म लोन के तौर पर पे-डे लोन, एम्प्लायर से लोन, क्रेडिट कार्ड पर लोन, म्युचुअल फंड, पीएफ पर लोन ले सकते है।


पे-डे लोन, शॉर्ट टर्म लोन में सबसे ज्यादा प्रचलित है। पर्सनल लोन या क्रेडिट कार्ड के मुकाबले ज्यादा ब्याज नहीं है। पे-डे लोन ऑनलाइन कर्ज की सुविधा देता है। एनबीएफसी या फाइनेंस कंपनी से पे-डे लोन देता है। कर्जदाता अपन सैलरी दिखाकर भी लोन ले सकता है। सैलरी स्लिप, बैंक डिटेल, पेन कार्ड अपलोड करें। पे-डे लोन कुछ दिनों से लेकर 2 से 3 महीने में चुकाया जा सकता है।   
 
वहीं एम्प्लायर से लोन को समझाते हुए जानकारों का कहना है कि एम्प्लॉयर लोन केवल कर्मचारियों को लोन देते हैं। इसपर कम ब्याज या कोई ब्याज नहीं होता है। सैलरी में से हर माह पैसा कटता है।


क्रेडिट कार्ड पर लोन की प्रक्रिया को समझाते हुए जानकारों का कहना है कि क्रेडिट कार्ड से फटाफट लोन मिलता है। क्रेडिट हिस्ट्री, रीपेमेंट क्षमता पर तय होता है। क्रेडिट लिमिट पर कर्ज की राशि तय होता है। क्रेडिट कार्ड पर लोन प्री अप्रुव्ड होता है। पर्सनल लोन की ब्याज पर क्रेडिट कार्ड लोन मिलता है। लोन चुकाने के लिए 3 माह से 24 महीने का समय लगता है।


म्यूचुअल फंड पर लोन पर म्यूचुअल फंड यूनिट गिरवी रख कर लोन ले सकते है। इसपर क्वालिफाइड फंड पर ही कर्ज है। डेट ऑफ इक्विटी दोनों तरह के फंड पर लोन ले सकते है। कोई क्रेडिट हिस्ट्री की जरूरत नहीं होती है। लोन के लिए प्रोसेसिंग समय ज्यादा नहीं लगता है।


पीपीएफ पर लोन, पीपीएफ खाता खोलने के 3 से 6 साल के बाद मिलता है। पर्सनल लोन के मुकाबले कम ब्याज पर लोन मिलता है। पीपीएफ बैलेंस पर मिल रहे ब्याज से 2 फीसदी ज्यादा ब्याज देना होता है। पीपीएफ पर लोन 36 महीनों में चुकाना पड़ता है। 6 माह तक लोन नहीं चुकाने पर 6 फीसदी अतिरिक्त ब्याज लगता है। लोन की राशि, पीपीएफ खाता में जमा राशि पर निर्भर होता है।