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इंफ्रा पर बढ़ा फोकस, 20 लाख करोड़ के नेशनल इंफ्रा पाइपलाइन का ऐलान जल्द: सूत्र

सरकारी कंपनियों के लिए तय समय सीमा में कॉन्ट्रैक्टर को पेमेंट करना जरूरी किया जा सकता है।
अपडेटेड Sep 05, 2019 पर 17:54  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

सरकारी कंपनियों के लिए तय समय सीमा में कॉन्ट्रैक्टर को पेमेंट करना जरूरी किया जा सकता है। सीएनबीसी-आवाज़ को मिली एक्सक्लूसिव जानकारी के मुताबिक इसे सख्ती से लागू करने के लिए नियमों में जरूरी फेरबदल भी किया जा सकता है।


सूत्रों के हवाले से मिली खबर के मुताबिक अब PSUs को तय समय में कॉन्ट्रैक्टर को पेमेंट करना जरूरी होगा। देरी से पेमेंट होने पर जुर्माना का प्रावधान  भी हो सकता है। कॉन्ट्रैक्टर को तय समय में भुगतान न किए जाने पर सरकारी कंपनियों या विभागों पर जुर्माना भी लग सकता है। इसके लिए PSU कंपनियों के रेगुलेशन में फेरबदल किया जाएगा।


सूत्रों के मुताबिक PSU के पास आर्बिट्रेशन में फंसी निजी कॉन्ट्रैक्टर की 75 फीसदी रकम तुरंत मिलेगी। ये 75 फीसदी रकम एस्क्रॉ अकाउंट में बैंक गारंटी के बदले मिलेगी। बता दें कि ये फैसला 3 साल पहले ही कैबिनेट ले चुकी थी लेकिन अब तक इस पर अमल नहीं हो पाया है। अब बैंक गारंटी पर जरूरी निर्देश जल्द आ सकते हैं।


सूत्रों के हवाले से मिली खबर के मुताबिक सरकार जल्द ही 20 लाख करोड़ रुपये के नेशनल इंफ्रा पाइपलाइन का ऐलान कर सकती है जिसमें वेयरहाउस, गैस पाइपलाइन, फ्रेट कॉरिडोर, पोर्ट पर ज्यादा फोकस होगा। इंफ्रा प्रोजेक्ट्स के रियल टाइम मॉनिटरिंग के लिए टास्क फोर्स बनेगी। सरकार का 2024 तक इंफ्रा में 100 लाख करोड़ रुपये निवेश का लक्ष्य है।


 


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