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रियल एस्टेट को 25,000 करोड़ का फंड, आपको कैसे मिलेगा इस फंड का लाभ?

इस फंड से उन प्रोजेक्ट्स की मदद की जाएगी जहां मिडिल क्लास के लोग घर लेकर फंस गए हैं।
अपडेटेड Nov 08, 2019 पर 14:01  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

सरकार ने देश भर में फंसे हुए घर खरीदारों की मदद करने के लिए 25 हजार करोड़ का एक फंड बनाने का फैसला किया है। इस फंड से उन प्रोजेक्ट्स की मदद की जाएगी जहां मिडिल क्लास के लोग घर लेकर फंस गए हैं। इस फंड से पैसा देने के नियम-कायदे हैं लेकिन मोटे तौर पर इसके पीछे सोच ये है कि वैसे तमाम प्रोजेक्ट्स चल पड़ें जिनमें काम तो हुआ है, लेकिन बीच में सिर्फ पैसे की कमी से वो अटके पड़े हैं। आज कंज्यूमर अड्डा में हम इसी फंड और इसके असर के बारे में चर्चा करेंगे। चर्चा के लिए हमारे साथ हैं CREDAI नेशनल के चेयरमैन जक्षय शाह, NAREDCO के प्रेसिडेंट निरंजन हीरानंदानी और लाइसिस फोरास के MD पंकज कपूर।


फंसे घर खरीदारों को राहत


- अधूरे प्रोजेक्ट के लिए 25,000 करोड़ रुपये का फंड
- सरकार अपनी तरफ से डालेगी 10,000 करोड़ रुपये
- इससे 4.5 लाख घर खरीदरों को मिलेगी राहत मिलेगी
- इससे NPA, NCLT वाले प्रोजेक्ट को भी राहत मिलेगी
- इसके लिए प्रोजेक्ट का RERA रजिस्टर होना जरूरी है
- पॉजिटिव नेटवर्थ वाले प्रोजेक्ट को ही फंडिंग मिलेगी
- इसके लिए एक्सपर्ट कमेटी प्रोजेक्ट का चुनाव करेगी


क्या है फंडिंग की शर्त


- प्रोजेक्ट का नेटवर्थ पॉजिटिव होना चाहिए
- लागत का बिक्री की रकम से कम होना जरूरी
- कोर्ट में गए प्रोजेक्ट को केस वापस लेना होगा
- मुंबई में 2 करोड़ तक के घर को फायदा
- NCR में 1.5 करोड़ तक के घर को फायदा
- अन्य शहरों में 1 करोड़ तक घर को फायदा


नए फंड की बारीकियां


- सिर्फ फंड की कमी से अटके प्रोजेक्ट को मदद
- 200 वर्ग मीटर तक के प्रोजेक्ट को मदद
- विला प्रोजेक्ट को भी मिलेगा फंड
- रिटेल लोन की RBI गाइडलाइंस से रीस्ट्रक्चरिंग
- एक प्रोजेक्ट को अधिकतम 400 करोड़
- डेवलपर या शहर के लिए सीमा तय होगी
- इन्वेस्टमेंट मैनेजर बदल सकता है डेवलपर
- घर खरीदारों को भरनी होगी बाकी EMI
- घर खरीदार प्रोजेक्ट के लेंडर के संपर्क में रहें
- NCLT में जा चुके प्रोजेक्ट को फंडिंग संभव
- बशर्ते क्रेडिटर्स कमेटी ने फैसला ना लिया हो
- फंड में सोवरन वेल्थ फंड, बैंक निवेश करेंगे
- घरेलू, ग्लोबल पेंशन फंड, PF निवेश करेंगे
- प्रोजेक्ट का चुनाव इन्वेस्मेंट कमेटी करेगी
- मामला कोर्ट में लंबित है तो नहीं मिलेगा पैसा
- प्रोजेक्ट पूरा होने के करीब है तो प्राथमिकता
- फंड में सरकार की भूमिका एक स्पॉन्सर की होगी
- फंड, निवेश की जिम्मेदारी इन्वेस्मेंट मैनजर की
- पहला इंवेस्टमेंट मैनेजर SBICAP Ventures Limited


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