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कोरोना से बचाने के लिए महाराष्ट्र राज्य के 50% कैदियों की होगी अस्थायी रिहाई

समिति ने 50 कैदियों और विचाराधीन कैदियों को अस्थायी रूप से रिहा करने का निर्णय लिया। आज तक 5,000 से अधिक लोगों को अंतरिम जमानत पर और लगभग 600 को पैरोल पर रिहा किया गया है।
अपडेटेड May 12, 2020 पर 18:27  |  स्रोत : Moneycontrol.com

कोरोना पूरे देश में फैलते हुए राज्य की जेलों में भी अपनी मौजूदगी जता चुका है। राज्य की जेलों में कैदियों द्वारा कोरोना संक्रमित होने के कारण कैदियों को अस्थायी रूप से रिहा करने का निर्णय लिया जा रहा है। राज्य सरकार द्वारा नियुक्त एक उच्चस्तरीय समिति ने आर्थर रोड जेल में कोरोनोवायरस से संक्रमित कैदियों की बढ़ती संख्या को गंभीरता से लिया है। इसके तहत 50 प्रतिशत कैदियों और विचाराधीन कच्चे कैदियों को रिहा करने के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है जिसके परिणामस्वरूप, लगभग 17,500 कैदी और विचाराधीन कैदियों को कैद से अस्थायी राहत मिलेगी।


राज्य भर में सभी प्रकार की जेलों में कुल 35,200 कैदी और विचाराधीन कैदी हैं। समिति ने 50 कैदियों और विचाराधीन कैदियों को अस्थायी रूप से रिहा करने का निर्णय लिया। आज तक 5,000 से अधिक लोगों को अंतरिम जमानत पर और लगभग 600 को पैरोल पर रिहा किया गया है। समिति के निर्णय के अनुसार, शेष 12,000 कैदी और विचाराधीन कैदी भी अगले कुछ दिनों में रिहा हो जाएंगे।


सुप्रीम कोर्ट ने 23 मार्च को जेलों में भीड़ कम करने का निर्देश दिया था। तदनुसार, राज्य सरकार ने मानदंड निर्धारित करने के लिए एक उच्चस्तरीय समिति नियुक्त की। मुंबई उच्च न्यायालय के न्यायधीश अमजद सैयद, अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह विभाग) संजय चहांदे और पुलिस महानिदेशक (जेल) एस. एन पांडे इस उच्चस्तरीय समिति में शामिल हैं जिन्होंने वर्तमान समग्र स्थिति को ध्यान में रखते हुए सोमवार को हुई अपनी बैठक में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया।


25 मार्च को अस्थायी रिहाई के लिए समिति द्वारा निर्धारित मानदंड भेदभावपूर्ण और असंगत हैं, यह आक्षेप लगाते हुए वरिष्ठ वकील सतीश तलेकर ने दो कैदियों की ओर से उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। उनकी याचिका पर ध्यान देते हुए मुंबई उच्च न्यायालय ने भी एक सुओ मोटो याचिका दाखिल की है।


तलेकर ने समिति के पास भी एक निवेदन दिया था। उस संदर्भ में उच्च न्यायालय ने समिति को तलेकर के निवेदन को सुनने का निर्देश दिया था। तदनुसार, समिति ने सोमवार को सुनवाई की और तलेकर का पक्ष सुना और उनकी आपत्ति को खारिज कर दिया। हालांकि, उसी समय, समिति ने यानी सोमवार को आयोजित बैठक में 50 प्रतिशत कैदियों और विचाराधीन कैदियों को अस्थायी रूप से रिहा करने का फैसला किया ऐसा समिति ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है।


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