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2021 की पहली छमाहीं की सुस्ती के बाद प्राइवेट बैंक फिर उड़ान के लिए तैयार, जानें कहां लगाएं दांव

जानकारों का कहना है कि कोरोना की दूसरी लहर इन शेयरों के खराब प्रदर्शन की अहम वजह रही है.
अपडेटेड Jul 28, 2021 पर 08:49  |  स्रोत : Moneycontrol.com

साल 2021 अब तक इक्विटी बाजार के लिए काफी अच्छा रहा है। हालांकि इस अवधि में कोरोना की दूसरी लहर और महंगाई का डर हावी रहा है। इसके साथ ये भी साफ है कि देर-सबेर नरम मौद्रिक नीतियों और इकोनॉमी में लिक्विटी बढ़ानें की कवायद पर नकेल कसेगी।


बाजार जानकारों का कहना है कि कोरोना वायरस की दूसरी लहर वह सबसे बड़ी वजह रही जिसके चलते अधिकांश बैंकिंग शेयर Q4FY21 के मजबूती को आगे नहीं बढ़ा सके। जून से देश की इकोनॉमिक गतिविधियों में तेजी के साथ ही इस बात की उम्मीद जग रही है कि वित्त वर्ष 2022 की दूसरी छमाही से बैंकों के कारोबार में ग्रोथ देखने को मिलेगी।


बाजार की रैली में IT, metals और pharma ने बढ़-चढ़ कर हिस्सेदारी की है लेकिन  अगले मोर्चे से बैंकिंग शेयर गायब नजर आए हैं। 2021 में अब तक निफ्टी में  13 फीसदी की बढ़त देखने को मिली है। वहीं बैंक निफ्टी इस दौरान 12 फीसदी भागा है। लेकिन इसी अवधि में निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स में सिर्फ 6 फीसदी की बढ़त देखने को मिली है।


प्राइवेट सेक्टर के कुछ टॉप बैंकों के स्टॉक ने अब तक अंडरपरफार्म किया है। इनमें  HDFC Bank और Kotak Mahindra के नाम शामिल हैं। हालांकि   J&K Bank और Equitas Small Finance में 72 फीसदी की बढ़त देखने को मिली है। हैवी वेट्स में सिर्फ ICICI Bank और Axis बैंक ने ही निफ्टी से बेहतर प्रदर्शन किया है।


बाजार जानकारों का कहना है कि कोरोना की दूसरी लहर इन शेयरों के खराब प्रदर्शन की अहम वजह रही है। Motilal Oswal Financial Services के नितीन अग्रवाल का कहना है कि अप्रैल -जून 2021 में कोरोना की दूसरी लहर की वजह से देश के कई राज्यों में लॉकडाउन लगा दिया गया। इसके चलते इकोनॉमिक गतिविधियां सुस्त पड़ गईं । इसके वजह से वित्त वर्ष 2020-21 की चौथी तिमाही से शुरु हुई रिकवरी को भारी चोट पहुंची है और बैंकों की एसेट क्वालिटी फिर खराब होती नजर आई।


नीतिन अग्रवाल का कहना है कि वित्त वर्ष 2021-22 की पहली छमाही में हमें एनपीए बढ़ते नजर आ सकते हैं। जिससे ग्रॉस नॉन परफॉर्मिंग लोन रेश्यो में बढ़त देखने को मिल सकती है। हालांकि कोरोना के पहली लहर की तुलना में पहली लहर का प्रभाव थोड़ा कम रहेगा।


Religare Broking के अजीत मिश्रा का भी मानना है कि बैंकिंग के खराब प्रदर्शन में कोरोना की दूसरी लहर अहम वजह रही है।


HDFC Bank, ICICI Bank, Axis Bank और  Kotak Mahindra Bank जैसे बड़े प्राइवेट बैंकों ने अपनी जून तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। नतीजों के साथ आई बैंकों की मैनेजमेंट कमेंट्री आशा जगाने वाली रही है जिससे इस बात की उम्मीद है कि साल की पहली छमाही की तुलना में दूसरी छमाही ज्यादा बेहतर रहेगी। एनालिस्ट का मानना है कि प्राइवेट बैंकिंग सेक्टर  रीरेटिंग से एकदम करीब है।


Equirus के  Donald DSouza का कहना है कि आगे हमें ऐसे बैकों में अच्छी बढ़त देखने को मिलेगी जिनका फोकस सिक्योरड रिटेल कारोबार पर है। इसके साथ ही आगे हमें कॉर्पोरेट लोन में भी बढ़त देखने को मिलेगी। जिसका फायदा बड़ी पूंजी रखने वाले बड़े बैंकों को मिलेगा।


प्राइवेट बैंकिंग सेक्टर के टॉप पिक्स


मोतीलाल ओसवाल नितिन अग्रवाल का कहना है क ICICI Bank, HDFC Bank और SBI में निवेश से आगे अच्छा फायदा मिल सकता है। वहीं मिडकैप बैंक में Federal Bank उनकी टॉप पिक्स है।


CapitalVia Global Research के Vishal Balabhadruni की Kotak Mahindra Bank, ICICI Bank और HDFC Bank पर दाव लगाने की सलाह है।


Religare Broking के अजीत मिश्रा की टॉप पिक्स में ICICI Bank, Axis Bank, HDFC Bank और Kotak Mahindra Bank शामिल है। इसके अलावा पीएसयू बैंक स्पेस में लंबी अवधि के नजरिए से SBI भी उनको पसंद है।


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