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ADB, OECD के बाद IMF भी घटा सकता है भारत का ग्रोथ अनुमान

साल 2019-2020 में बड़ी मंदी के चलते ग्रोथ रेट 10 सालों के निचले स्तर पर जा सकती हैं।
अपडेटेड Oct 10, 2019 पर 17:28  |  स्रोत : Moneycontrol.com

अगले हफ्ते International Monetary Fund (IMF) की World Economic Outlook रिपोर्ट आने वाली है। जिसमें आशंका जताई जा रही है कि IMF भारत का ग्रोथ रेट अनुमान घटा सकता है। इसके पहले Asian Development Bank (ADB) और Organisation for Economic Cooperation Development (OECD पहले भी भारत का ग्रोथ रेट अनुमान घटा चुके हैं।


IMF की नई मैनेजिंग डायरेक्टर क्रिस्टलीना जॉर्जीवा ने बुधवार को कहा कि पूरी दुनिया में मंदी दिख रही है। इसका असर भारत जैसे उभरते बाजार में साफ तौर पर दिखाई देगा। जॉर्जीवा ने कहा कि साल 2019-2020 में बड़ी मंदी के चलते ग्रोथ रेट 10 सालों के निचले स्तर पर जा सकती हैं। यूनाइटेड स्टेस और जर्मनी में बेरोजगारी चरम पर है। उन्होंने आगे कहा कि भारत और ब्राजील जैसे कुछ सबसे बड़े उभरते बाजार में अर्थव्यवस्था की मंदी साफ तौर पर दिखेगी। 


IMF ने साल 2019-20 में आर्थिक विकास दर 7 फीसदी रहने की उम्मीद जताई है। जिसमें 0.30 फीसदी की कटौती की गई है। जिसमें IMF ने कहा कि कमजोर घरेलू मांग के कारण भारत क आर्थिक विकास दर अनुमान से से अधिक कमजोर हो गई।


पिछले महीने ADB और OECD ने भारत का ग्रोथ रेट अनुमान घटा दिया था। ADB ने 50 बेसिस अंकों की कटौती करके 6.5 फीसदी कर दिया, जबकि OECD ने 1.3 फीसदी प्वाइंट की कटौती करके 5.9 फीसदी कर दी थी। साथ ही पिछले हफ्ते RBI ने भी 2019-20 के लिए ग्रोथ रेट अनुमान को घटाकर 6.1 फीसदी कर दिया है। इसी तरह रेटिंग एजेंसी Standard Poors ने भी 7.1 फीसदी से घटाकर 6.3 फीसदी कर दिया है।


बता दें कि भारत की अर्थव्यवस्था स्लोडाउन लिक्विडिटी की कमी से जूझ रही है। जिसकी वजह से जून तिमाही में इकोनॉमिक ग्रोथ रेट 6 साल के निचले स्तर 5 फीसदी तक गिर गई। जबकि निजी खपत व्यय में बढोतरी 3.1 से 18 तिमाही के निचले स्तर तक पहुंच गई।   


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