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अनलॉक-1 के बाद रेडीमेड गारमेंट इंडस्ट्री ने पकड़ी रफ्तार, वापस मिल रहे हैं रद्द हुए ऑर्डर

अनलॉक-1 के बाद रेडीमेड गारमेंट इंडस्ट्री रफ्तार पकड़ रही है। हालांकि एक्सपोर्ट के लिहाज से पीक सीजन खत्म हो रहा है।
अपडेटेड Jun 26, 2020 पर 09:22  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

अनलॉक-1 के बाद रेडीमेड गारमेंट इंडस्ट्री रफ्तार पकड़ रही है। हालांकि एक्सपोर्ट के लिहाज से पीक सीजन खत्म हो रहा है। इसके बावजूद MSMEs अपरैल एक्सपोर्ट हाउस जी जान से जुटे हैं ताकि विदेशी क्लाइंट्स के साथ-साथ घरेलू मांग को भी पूरा किया जा सके।


दुनिया के मशहूर फैशन ब्रांड्स जैसे यूनाइटेड कलर्स ऑफ बेनेटन, एच एंड एम, मार्क एंड स्पेंसर जैसे बड़ी कंपनियों के आर्डर तैयार करने में कारीगर जी जान से जुटे हुए हैं। नोएडा का एक्सपोर्ट हाउस, जहां ये ऑर्डर तैयार हो रहा है, वहां जान और जहान दोनों बचाने की जद्दोजहद चल रही है क्योंकि लॉकडाउन शुरू होने से पहले जिन इंपोर्टर्स ने ऑर्डर को होल्ड पर डालना या कैंसिल करना शुरू कर दिया था। अब करीब 30 फीसदी ऑर्डर भेजने के लिए ग्रीन सिग्नल दे दिया है।


नोएडा अपरैल एक्सपोर्ट क्लस्टर में करीब 3 हजार MSME यूनिट्स हैं, जिनसे करीब 10 लाख लोगों की रोजी रोटी जुड़ी हुई है। कोरोना संकट की वजह से ज्यादातर कारीगर और लेबर पलायन कर चुके हैं। बावजूद इसके मोटा एडवांस देकर और सेफ्टी के पूरे बंदोबस्त के साथ करीब एक तिहाई क्षमता के साथ अपरैल एक्सपोर्ट हाउस फिलहाल चल रहे हैं। इंडस्ट्री ने हालात में सुधार देखते हुए यूपी सरकार से जल्द से जल्द करीब 2 लाख वर्कफोर्स की मांग भी की है। वहीं सप्लाई चेन बिगड़ने की वजह से जो फैब्रिक गुजरात और चेन्नई तीन से चार दिन में डिलिवर हो जाता था। उसे आने में अब कम से कम 15 दिन लग रहा है। साथ ही चीन से इम्पोर्टेड मेटल और प्लास्टिक एक्सेसरीज भी दोगुने दाम पर मंगाना पड़ रहा है।


भारत से करीब 10 हजार रेडीमेड गारमेंट से जुड़े हुए MSME सालाना करीब 18 से 20 हजार करोड़ का एक्सपोर्ट करते हैं। इसमें ज्यादातर एक्सपोर्ट कॉटन के समर और फॉल विंटर सीजन के गारमेंट्स होते हैं। ज्यादातर ऑर्डर्स भी एग्जिबिशन, इवेंट्स, फैशन वीक के दौरान मिलते हैं लेकिन कोरोना संकट के चलते सब बंद हैं। लॉकडाउन के चलते पीक सीजन हाथ से निकल गया है। ऐसे में एक्सपोर्ट हाउसेज़ का जोर प्रोडक्ट डायवर्सिफिकेशन पर है ताकि विंटर के भी कपड़े तैयार हों और धंधा पूरे साल चल सके।


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