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H-1B वीजा पर अस्थायी बंदी लगाने की सोच रहा अमेरिका

रिपब्लिकन सांसदों ने मांग की है कि देश में बेरोजगारी कम होने तक अनुबंध श्रमिकों के लिए वीजा रद्द कर दिया जाए
अपडेटेड May 11, 2020 पर 15:00  |  स्रोत : Moneycontrol.com

दुनिया भर में तेजी से बढ़ते कोरोना का रोजगार पर भारी असर पड़ रहा है। कई देशों में छंटनी की जा रही है, जबकि कुछ कंपनियों में वेतन कटौती का रास्ता अपनाया गया है। इस पृष्ठभूमि पर अमेरिका में ट्रम्प प्रशासन ने एच -1बी वीजा पर अस्थायी रूप से प्रतिबंध लगाने के लिए गतिविधि शुरू कर दी है। यह संयुक्त राज्य अमेरिका में काम करने वाले भारतीयों के लिए एक बड़ा झटका होगा।


गैर-प्रवासी वीजा के साथ एच -1 बी के तहत अमेरिकी कंपनियां विदेशी श्रमिकों को काम पर रखती हैं। यह भारत के आईटी विशेषज्ञों में काफी लोकप्रिय है। वर्तमान में इस वीजा के आधार पर संयुक्त राज्य में पांच लाख से अधिक विदेशी नागरिक काम कर रहे हैं।


महाराष्ट्र  टाइम्स में छपी खबर के मुताबिक अमेरिका में ट्रम्प के इमीग्रेशन सलाहकार द्वारा इस संबंध में एक योजना तैयार की जा रही है, जिसके अनुसार तकनीकी रूप से कुशल लोगों के लिए लागू एच -1 बी, एक निश्चित अवधि के लिए काम कर रहे लोगों के लिए लागू एच-2 बी और छात्र वीजा पर प्रतिबंध लागू होने की संभावना है।


इस बीच रिपब्लिकन सांसदों ने राष्ट्रपति ट्रम्प से मांग की है कि देश में बेरोजगारी की दर कम होने तक अनुबंध श्रमिकों के लिए वीजा रद्द कर दिया जाए।


कोरोना के प्रसार को रोकने के लिए घोषित किये गये लॉकडाउन के कारण 3.5 करोड़ अमेरिकियों को अपनी नौकरी खोनी पड़ी, जिससे बेरोजगारी में रिकॉर्ड वृद्धि हुई है।


गौरतलब है कि अमेरिकी कंपनियां एच -1 बी वीजा के तहत विदेशी कर्मचारियों को काम पर रख सकती हैं। भारत और चीन के नागरिक इस वीजा से विशेष रूप से लाभान्वित होते हैं।


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