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अमेरिका युद्ध नहीं बल्कि ईरान के खतरे को रोकना चाहता है

अमेरिकी प्रशासन का साफ तौर पर मानना है कि अमेरिका ईरन से युद्ध नहीं लड़ना चाहता है।
अपडेटेड May 22, 2019 पर 14:46  |  स्रोत : Moneycontrol.com

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव दिनोंदिन बढ़ता जा रहा है। इसके चलते पूरी दुनिया में चिंता का माहौल है। ताजा घटनक्रम में अमेरिका ने ईरान से युद्ध न करने की घोषणा की है। साथ ही ये भी कहा कि अमेरिका अपने हितों की रक्षा के लिए ईरान के हर खतरे को रोकना चाहता है। 



 अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पिम्पिओ और कार्यवाहक रक्षा मंत्री पैट्रिक शानाहान ने एक बंद कमरे में बैठक की। इस बैठक के बाद शानहान ने कहा कि, हम ईरान से हर खतरे को रोकने के लिए तैयार हैं। हम ईरान के साथ जंग शुरु करने नहीं जा रहे हैं। 



शाहनान ने ईरानी खतरों से निपटने के लिए मजबूत कदम उठाते हुए विमानवाहक पोत को तैनात किया है। शाहनान ने कहा कि हम स्थिति को खराब नहीं करना चाहते। उन्होंने कहा कि अमेरिकी बलों के खिलाफ हमले को हमने रोक दिया है।


 
हालांकि, इस बैठक में दी गई जानकारी से डेमोक्रेट्स पार्टी के सदस्य संतुष्ट नजर नहीं आए। उन्होंने तनाव बढ़ने के लिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आक्रामक रूख और कूटनीतिक तरीकों का इस्तेमाल नहीं करने को जिम्मेदार ठहराया।



सीनेटर बर्नी सैंडर्स ने कहा, जिस तरह की स्थितियां जानबूझकर या अनजाने में बनाई जा रही हैं। उससे युद्ध होने की संभावना जताई ज रही है। 



उन्होंने कहा कि इराक और वियतनाम का युद्ध प्रशासन की झूठ की वजह से हुआ था। बर्नी का मानना है कि ईरान के साथ जंग एक त्रासदी होगा और इराक के साथ युद्ध से भी बदतर हालत हो जाएगी।