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एंड्रॉयड वायरस agent smith से बचके, वायरस लग जाए तो कैसे छुटकारा पाएं

हाल ही में HDFC बैंक ने जनहित में एक सूचना जारी की जिसमें कहा गया था कि एजेंट स्मिथ से सावधान रहें।
अपडेटेड Sep 04, 2019 पर 12:02  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

हाल ही में HDFC बैंक ने जनहित में एक सूचना जारी की जिसमें कहा गया था कि एजेंट स्मिथ से सावधान रहें। ये एक ऐसा वायरस है जो आपके एंड्रॉयड फोन पर कब्जा कर लेता है। सेंसेटिव डाटा जैसे कि बैंक डिटेल, कार्ड डिटेल, OTP सबकुछ चुरा सकता है। हम आपको फिर बता दें कि बैंक ने ये सूचना जनहित में जारी की थी। ऐसा नहीं है कि एजेंट स्मिथ ने सिर्फ HDFC बैंक ग्राहकों कों खासकर टार्गेट किया हो। दरअसल, एंड्रॉयड से चलने वाले तमाम स्मार्टफोन्स हमेशा ना सिर्फ एजेंट स्मिथ, बल्कि ऐसे अनेक वायरस और मैलवेयर के निशाने पर हैं। आपकी एक गलती इन्हें आपके मोबाइल में घुसपैठ करने का मौका दे सकती है और उसके बाद ये वायरस आपके मोबाइल से डाटा चुराना शुरू कर देते हैं। सामान्य यूसेज से जुड़ा डाटा चोरी हुआ तो उसका इस्तेमाल मार्केटिंग और एड के लिए किया जा सकता है लेकिन अगर बैंक या फाइनेंशियल डाटा चोरी हुआ तो फिर आपका खजाना साफ हो सकता है।


एजेंट स्मिथ से बचके


एजेंट स्मिथ एंड्रॉयड वायरस है जो दुनिया भर के 2.5 करोड़ फोन में घुसा है। भारत में 1.5 करोड़ फोन इसके शिकार हुए हैं। ये थर्ड पार्टी ऐप स्टोर से आता है। गूगल प्ले स्टोर स्मिथ से सुरक्षित है। ये किसी ऐप की शक्ल में छिप जाता है फिर डाटा और बैंकिंग जानकारी चुराता है। आपकी बातें सुनने के लिए भी इसका इस्तेमाल किया जा सकता है।


ऐप का लालच बुरी चीज


गूगल के थर्ड पार्टी ऐप वायरस का जरिया हैं। गूगल के थर्ड पार्टी ऐप स्टोर असुरक्षित हैं। गूगल प्ले स्टोर से अलग ऐप स्टोर पेड ऐप भी फ्री में देते हैं। यहां सेक्स, गेम से जुड़े ऐप की भरमार है। इन्हीं ऐप्स में छिपकर वायरस आता है।


एजेंट स्मिथ की पहचान कैसे?


एजेंट स्मिथ की पहचान आसान नहीं है। वैसे किसी भी वायरस की पहचान मुश्किल होती है। इसके लिए आपको अपने स्मार्टफोन पर ध्यान रखना होगा। फोन में बहुत ज्यादा एड दिखते हैं तो सावधान हो जाएं। संदिग्ध, अश्लील विज्ञापनों से सावधान रहें।


मोबाइल सिक्योरिटी के टिप्स


थर्ड पार्टी ऐप स्टोर का इस्तेमाल नहीं करें। पेड ऐप के फ्री वर्जन का चक्कर गलत है। हमेशा ऑफिशियल प्ले स्टोर का इस्तेमाल करें। वायरस का शक हो तो तुरंत उपाय करें। वॉट्सऐप, अमेजॉन जैसे ऐप की सफाई करें। ऐप का डाटा हटाते रहना अच्छी आदत है। ऐप को हटाकर, फिर से इंस्टॉल करें। शक हो तो मोबाइल को फैक्ट्री रिसेट करें। अनजान, अश्लील, गेमिंग ऐप इंस्टॉल ना करें। ऐप गैर जरूरी परमिशन मांगे तो सावधान हो जाएं। थोड़ा भी शक हो तो ऐप इंस्टॉल ना करें। एंटी वायरस, एंटी मैलवेयर का इस्तेमाल करें।


 


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