महंगाई की चिंता, बढ़ा कर्ज महंगा होने का डर! -
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महंगाई की चिंता, बढ़ा कर्ज महंगा होने का डर!

प्रकाशित Wed, 07, 2018 पर 16:49  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

आरबीआई ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। लेकिन आगे जाते हुए दरें बढ़ने का खतरा बन गया है। पॉलिसी में महंगाई की चिंता साफ झलक रही है। खास तौर से कच्चे तेल को लेकर। क्रूड में तेजी से जनवरी में डीजल और पेट्रोल की कीमतों में बेतहाशा बढ़त हुई है। इसके साथ ही रबी की फसलों में गेहूं और सरसों की बुआई कम होने से खाने-पीने की महंगाई का डर बन गया है। शायद इसीलिए आरबीआई ने मार्च तिमाही के लिए महंगाई पर अनुमान बढ़ाकर 5 फीसदी के ऊपर कर दिया है। तो क्या आगे महंगे कर्ज के लिए तैयार रहना चाहिए? इसी पर चर्चा करने के लिए यहां सीएनबीसी-आवाज के साथ हैं एक्सिस बैंक के चीफ इकोनॉमिस्ट सौगत भट्टाचार्य और इंडिया इंफोलाइन के एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट संजीव भसीन और सिटी यूनियन बैंक के एमडी एंड सीईओ एन कामाकोडी।


सस्ते कर्ज की राह में एक बार फिर महंगाई रोड़ा बन गई है। रेपो रेट 6 फीसदी और रिवर्स रेपो रेट 5.75 फीसदी पर बरकरार रखा है। कैश रिजर्व रेश्यो यानि सीआरआर भी 4 फीसदी पर बरकरार है। मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी यानि एमएसएफ दर को 6.25 फीसदी पर बरकररार रखा है।


बता दें कि आरबीआई ने वित्त वर्ष 2018 के लिए जीवीए ग्रोथ का अनुमान घटा दिया है। आरबीआई ने वित्त वर्ष 2018 में जीवीए ग्रोथ का अनुमान 6.7 फीसदी से घटाकर 6.6 फीसदी किया है। वहीं, वित्त वर्ष 2019 में जीवीए ग्रोथ 7.2 फीसदी रहने का अनुमान जताया है। आरबीआई के मुताबिक अप्रैल-सितंबर 2018 के बीच रिटेल महंगाई दर 5.1-5.6 फीसदी रहने का अनुमान है। अक्टूबर 2018-मार्च 2019 के बीच रिटेल महंगाई दर 4.5-4.6 फीसदी रहने का अनुमान है। जनवरी-मार्च 2018 के बीच रिटेल महंगाई दर 5.1 फीसदी रहने का अनुमान है। लंबी अवधि के लिए 4 फीसदी के रिटेल महंगाई दर के लक्ष्य पर कायम हैं।