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दूसरे बैंक के ATM से कैश निकालना हो सकता है बिल्कुल फ्री

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने ATM से शुल्क हटाने के लिए एक समिति का गठन किया है। इसकी रिपोर्ट आने के बाद फैसला लिया जाएगा।
अपडेटेड Jun 12, 2019 पर 10:58  |  स्रोत : Moneycontrol.com

बैंक एकाउंट खुलवाना, फिर मनचाही जगह से एटीएम से पैसे निकालना आम लोगों की ज़िंदगी आसान हो गई है। लेकिन इस पर शुल्क भी लगता है। अब आरबीआई एटीएम पर लगने वाले शुल्क को हटाने के लिए एक छह सदस्यों की समिति का गठन किया है। यह समिति इस बात पर चर्चा करेगी कि क्या एटीएम पर लगने वाले शुल्क को पूरी तरह से खत्म किया जा सकता है या नहीं। इस समिति को दो महीने में केंद्रीय बैंक को रिपोर्ट सौंपनी होगी।


समिति के सदस्य


इस समिति का अध्यक्ष इंडियन बैंक एसोसिएशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी वी जी कन्नन को बनाया गया है। उनकी अगुवाई में नेशनल पेमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया के सीईओ दिलिप अस्बे, एसबीआई के चीफ जनरल मैनेजर गिरि कुमार नायर, एचडीएफसी बैंक के ग्रुप हेड (लायबिलिटी) एस संपत कुमार, कैटमी के निदेशक के. श्रीनिवास और टाटा कम्यूनिकेशन पेमेंट सॉल्यूशन के सीईओ संजीव पाटिल शामिल हैं।


दरअसल डिजिटल बैंकिंग को बढ़ावा देने के मकसद से आरबीआई ने पिछले हफ्ते आरटीजीएस और एनईएफटी पर लगने वाले शुल्क को पूरी तरह खत्म कर दिय़ा है। शायद यही वजह है कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया एटीएम के प्रयोग को बढ़ावा देने मकसद से लगने वाले शुल्क को खत्म करना चाहती हो।


पिछले दो साल में ATM की संख्या में आई कमी


RBI की रिपोर्ट क मुताबिक, साल 2011 में देश में कुल एटीएम की संख्या 75 हजार 600 थी, इसके बाद साल 2017 में बढ़कर 2 लाख 22 हजार 500 हो गई। हालांकि पिछले दो वित्तीय सालों में एटीएम की संख्या लगातार घट रही है। मार्च 2019 तक देश में कुल एटीएम 2 लाख 21 हजार 700 एटीएम थे।