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Atmanirbhar Bharat: BSNL, DPIIT समेत कई दूसरी सरकारी कंपनियों ने इम्पोर्ट पॉलिसी में किया बदलाव

पीएम मोदी के आत्म निर्भर भारत की घोषणा के बाद कई सरकारी कंपनियों ने अपनी पॉलिसी में बदलाव किया है
अपडेटेड Jun 16, 2020 पर 10:46  |  स्रोत : Moneycontrol.com

कोरोना वायरस महामरी से पूरी दुनिया में आर्थिक तंगी चल रही है। पीएम मोदी ने भारत को आत्म निर्भर बनाने के लिए एक महीना पहले घोषणा की थी। जिसमें लोकल को बढ़ावा दी जाने की बात कही गई है। इस पर कई सरकारी कंपनियों ने अपनी इम्पोर्ट पॉलिसी पर बदलाव शुरू कर दिया है। इसमें सरकारी एजेंसों ने लोकल मैन्युफैक्चरिंग (local manufacturing) और सोर्सिंग (sourcing) को तरजीह दी है।


डिपार्टमेंट ऑफ कॉमर्स (the Department of Commerce), डिपार्टमेंट फॉर प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्री एंड इंटरनल ट्रेड (Department for Promotion of Industry and Internal Trade-DPIIT) सिविल एविएशन (The Ministry of Civil Aviation) और BSNL समेत कई सरकारी कंपनियों ने आदेश जारी कर दिया है या फिर आदेश जारी करने की प्रक्रिया में हैं।


गौरतलब है कि पीएम मोदी ने जितनी बार भी उद्योग जगत को संबोधित किया है, उसमें उन्होंने भारत को आत्म निर्भर बनाने के लिए जोर दिया है। मीडिया रिपोर्च्स के मुताबिक, हाल ही में Directorate General of Foreign Trade (DGFT) ने एक सर्कुलर जारी किया है। जिसमें टायरों की इम्पोर्ट पॉलिसी में बदलाव किया गया है। शुक्रवार क नोटिफिकेशन जारी करने के बाद, टायर इम्पोर्ट करने के लिए अतिरिक्त परमिशन (permissions) और लाइसेंस की जरूरत होगी। DPIIT ने भी हाल ही में सरकारी करारों (Government contracts) में डोमेस्टिक कंपनियों के पक्ष में खरीदने पर जोर दिया है। आत्म निर्भर भारत के तहत BSNL ने 4G के लिए टेंडर में फिर से बदलाव करने की बात कही है। कंपनी अपने मार्च टेंडर में बदलाव करेगी, जिसमें Make in India को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके अलावा कई बिजली कंपनियों ने भी लोकल प्रोडक्ट को बढ़ावा देने के लिए अपनी पॉलिसी में बदलाव कर रही हैं। एक रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि कुछ बिजली बोर्ड अब कट ऑफ लिमिट (cut-off limit) को कम कर रहे हैं। जिसमें केवल डोमेस्टिक कंपनियों को बोली लगाने की अनुमति होगी।


सिविल एविएशन मिनिस्ट्री भी एक लिस्ट तैयार कर रहा है, जिसमें स्थानीय आपूर्तिकर्ताओं से सामान लिया जा सकता है। जो सामान 50 लाख रुपये से कम में मौजूद है, उसमें सिर्फ स्थानीय आपूर्तिकर्ताओं को ही बोली लगाने की मंजूरी होगी। 


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