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बड़े शहरों में डिजिटल ट्रांजैक्शन बढ़ने से ATM और ब्रांच पर लग रहे हैं ताले

पीएम मोदी के डिजिटल को बढ़ावे देने से शहरी इलाकों में कई बैंकों को अपने ATM और बैंक की शाखाओं को बंद करने का फैसला किया है।
अपडेटेड Aug 22, 2019 पर 15:06  |  स्रोत : Moneycontrol.com

पीएम मोदी ने न्यू इंडिया की नींव रखते हुए जिस तरह से डिजिटल ट्रांजैक्शन को बढ़ावा दिया है, उससे बैंकों में ग्राहकों की भीड़ भी अब कम हो गई है। शहरी इलाकों में लोग नेट बैंकिंग का इस्तेमाल अधिक करते हैं। लिहाजा कई कई बड़े बैंकों ने जहां पर लोगों की भीड़ कम दिखाई देती हैं, वहां से ATM और बैंक की शाखाओं को बंद करने का फैसला किया है।


इकोनॉमिक टाइम्स में छपी खबर के मुताबिक, देश के बड़े 10 सरकारी बैंको ने 5,500 ATM और 600 बैंक की शांखाएं बंद कर चुके हैं। सबसे बड़े बैंक SBI ने जून 2018 से 2019 के बीच अब तक 420 ब्रांच और 786 ATM बंद कर दिए हैं। वहीं विजया और देना बैंक को मिलाकर बना बैंक ऑफ बड़ौदा ने भी कुल 40 ब्रांच और 274 ATM पर ताला लगा दिया है। इस लिस्ट में पंजाब नैशनल बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, केनरा बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन ओवरसीज बैंक, यूनियन बैंक और इलाहाबाद बैंक शामिल हैं। बैंक इसके जरिए अपने खर्च में भी कटौती कर रहे हैं, जिससे मुनाफा हासिल करना आसान हो जाए। 


वहीं ग्रामीण इलाकों में कोई कटौती नहीं की गई है। न तो ATM घटे हैं और न ही किसी बैंक ने अपनी ब्रांच बंद की हो।


दिलचस्प बात ये है कि जहां सरकारी बैंकों ने ATM और बैंक की ब्रांच में कटौती की है, वहीं निजी बैंकों ने विस्तार किया हैय़ यानी शहरी इलाकों में Axis बैंक, HDFC बैंक और ICICI बैंक ने अपने बैंकिंग नेटवर्क को बढ़ाया है। इन बैंकों ने शहरी इलाकों में अपने ATM  की संख्या में इजाफा किया है।


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