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कोयला खदानों की नीलामी आज, निजीकरण के विरोध में पांचों यूनियनों की हड़ताल

भारत सरकार द्वारा आज देश में 41 कोयला खदानों की नीलामी करवाई जायेगी जिस पर देश की सबसे बड़ी कोयला उत्पादक कंपनी कोल इंडिया के पांच यूनियनों ने विरोध जताया है।
अपडेटेड Jun 18, 2020 पर 13:55  |  स्रोत : Moneycontrol.com

भारत सरकार द्वारा आज देश में 41 कोयला खदानों की नीलामी करवाई जायेगी जिस पर देश की सबसे बड़ी कोयला उत्पादक कंपनी कोल इंडिया के पांच यूनियनों ने विरोध जताया है। कोल इंडिया में कुल 2 लाख 80 हजार कर्मचारी हैं जिसमें 90 प्रतिशत कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व ये पांचों यूनियनें करती हैं। इन यूनियनों ने सरकार द्वारा कोयला खदानों की नीलामी और निजीकरण के विरोध में 2 जुलाई से 3 दिनों की हड़ताल करने का फैसला किया है।


इस संबंध में यूनियनों ने हाल ही में बैठक की। इस हड़ताल का पत्र आज कोयला खदानों की नीलामी के दिन यानी 18 जून को ही सरकार को सौंपा जायेगा ऐसा ऑल इंडिया कोल वर्कर्स फेडरेशन (AICWF) के अध्यक्ष डी डी रामानंदन ने कहा है।


इस समय देश में कोयले का रिकॉर्ड भंडार है। कोल इंडिया के पास 770 लाख टन कोयला है और विद्युत प्रोजेक्ट के पास 500 लाख टन कोयला है। कोयले के निजीकरण को रोकने के लिए ऑल इंडिया ट्रेड युनियन कांग्रेस (AITUC), इंडियन नेशनल ट्रेड युनियन कांग्रेस (INTUC), हिंद मजदूर सभा (HMS) और सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड युनियन्स (CITU) हड़ताल में सहभागी होने वाली हैं। इन यूनियनों ने 11 जून को काला दिन भी मनाया था।


इस नीलामी की प्रक्रिया के द्वारा भारतीय कोयला सेक्टर में व्यावसायिक स्तर पर खदान का काम शुरू हो रहा है। सरकार का कहना है कि इससे देश की ऊर्जा की आवश्यकता पूर्ण करने और औद्योगिक विकास को गति देने में आत्मनिर्भरता प्राप्त हो सकेगी। कोयले की बिक्री के लिए कोयला की खदानों की नीलामी प्रक्रिया शुरू करना भारत सरकार के द्वारा आत्मनिर्भर भारत अभियान के अंतर्गत घोषित श्रृंखला का एक भाग है। व्यावसायिक खदान शुरू करके भारत ने खदान, विद्युत और स्वच्छ कोयला सेक्टर से संबंधति निवेशकों को अवसर देकर कोयला सेक्टर के दरवाजे खोल दिये हैं।


महाराष्ट्र टाइम्स में छपी खबर के मुताबिक देश में कोयला उत्पादन 225 मेट्रिक टन की सर्वोच्च क्षमता पर पहुंचने पर इन खदानों का 2025-26 में देश के कुल कोयला उत्पादन में 15 प्रतिशत योगदान होगा ऐसा अंदाजा है। इससे देश में 2 लाख 80 हजार नये रोजगार पैदा होंगे और अगले 5 से 7 सालों में इस सेक्टर में 33 हजार करोड़ का निवेश आने की संभावना सरकार ने व्यक्त की है।


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