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BS-VI से पहले बढ़ी ऑटो कंपनियों की परेशानी, डीलर्स ने किया नई गाड़ी लेने से इनकार

BS-6 लागू होने से पहले ऑटो कंपनियों के सामने अब इस बात की परेशानी खड़ी हो गई है कि मैन्युफैक्चर्ड गाड़ियों को कहां रखा जाए।
अपडेटेड Aug 11, 2019 पर 16:30  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

BS-6 लागू होने से पहले ऑटो कंपनियों के सामने अब इस बात की परेशानी खड़ी हो गई है कि मैन्युफैक्चर्ड गाड़ियों को कहां रखा जाए। बिक्री घटने और पुरानी इनवेंट्री पड़े होने की वजह से अब तो डीलर्स ने भी नई गाड़ी लेने से साफ मना कर दिया है।


देश के अधिकतर ऑटो डीलर्स इनदिनों बड़ी समस्या से गुजर रहे हैं। एक तो पुरानी गाड़ी बिक नहीं रही और कंपनी नई गाड़ी के लिए दबाव डाल रही हैं। समस्या सिर्फ ऑटो डीलर्स ही नहीं हैं, परेशान ऑटो कंपनियां भी हैं। SIAM के मुताबिक कंपनियां अप्रैल 2020 की डेडलाइन से पहले BS-6 गाड़ियां बनाने में लगी है लेकिन पुरानी BS-4 गाड़ियों की बिक्री नहीं होने से मुश्किल और बढ़ गई है।


डीलरों के एसोसिएशन FADA के मुताबिक नई गाड़ियों का कुल रजिस्ट्रेशन हर महीने 5 परसेंट कम हो रहा है और कमर्शियल गाड़ियों में यह करीब 20 परसेंट है। और तो और हर डीलरशिप में 2-3 महीने की इनवेंट्री भी पड़ी हुई है। इनवेंट्री बढ़ने से डीलर्स का वेयरहाउस और मेंटनेंस खर्च भी बढ़ता जा रहा है। हालात इतने खराब हो चुके हैं कि पिछले कुछ महीनों में 300 डीलरशिप बंद हो चुके हैं और इतने ही बंद होने के कगार पर हैं।


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