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राहत का मास्टर स्ट्रोक: ऑटो सेक्टर को मिलेगी रफ्तार, NBFC सेक्टर को मिलेगी संजीवनी

अर्थव्यवस्था को राहत देने के लिए सरकार पांच सेक्टर के लिए एकमुश्त राहत पैकेज का एलान कर सकती है।
अपडेटेड Aug 22, 2019 पर 08:37  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

अर्थव्यवस्था को राहत देने के लिए सरकार पांच सेक्टर के लिए एकमुश्त राहत पैकेज का एलान कर सकती है। CNBC-आवाज़ को मिली एक्सक्लूसिव जानकारी के मुताबिक इनमें फाइनेशियल सेक्टर, ऑटो कंपनियां, MSME भी शामिल होंगे।


सूत्रों के हवाले ले मिली जानकारी के मुताबिक सरकार ऑटो सेक्टर के लिए जल्द राहत पैकेज का एलान कर सकती है। पुरानी गाड़ियों के लिए स्क्रैपेज पॉलिसी का एलान जल्द संभव है। नई पॉलिसी के तहत 10 साल पुरानी कमर्शियल गाड़ियां बेचने पर 50 हजार रुपये तक की छूट मिल सकती है जबकि 10 साल पुरानी कारें बेचने पर 20 हजार रुपये तक की छूट मुमकिन है। 7 साल पुरानी दो पहिया और तिपहिया बेचने पर 5000 रुपये तक की छूट मिल सकती है। इसके अलावा ग्रामीण इलाकों में चलाने के लिए बस खऱीदने पर विशेष रियायत मिल सकती है। नई पॉलिसी में JNNURM यानी जवाहर लाल नेहरू अर्बन रिन्यूअल मिशन के तर्ज पर ग्रामीण इलाकों में भी पब्लिक ट्रांसपोर्ट बढ़ाने पर जोर हो सकता है।


सूत्रों के मुताबिक वन टाईम रजिस्ट्रेशन चार्जेज में की गई बढ़ोतरी मार्च 2020 तक टाली जा सकती है। बता दें कि पेट्रोल डीजल वाली नई कारों की रजिस्ट्रेशन फीस 600 से बढ़ाकर 5000 रुपये करने और पेट्रोल डीजल वाली पुरानी कारों के रजिस्ट्रेशन रिन्यूवल चार्ज बढ़ाकर 15000 रुपये करने का प्रस्ताव था।


सूत्रों के मुताबिक ऑटो कंपनियों को मार्च 2020 तक 15 फीसदी का एडिशनल डेप्रिसिएशन देने पर विचार किया जा रहा है। इन कंपनियों को मिलने वाली टैक्स छूट का दायरा भी बढ़या जा सकता है। इन पर जीएसटी की दरें 28 फीसदी से घटाने पर विचार किया जा रहा है। केंद्र सरकार जीएसटी काउंसिल में ये प्रस्ताव रख सकती है। 
जीएसटी काउंसिल में सहमति बनने पर ही इस पर कोई फैसला होगा। सूत्रों के मुताबिक ईलेक्ट्रिक गाड़ियों को जरूरी करने की मियाद भी बढ़ाई जा सकती है।


ऑटो सेक्टर अलावा 4 और सेक्टर पर फोकस होगा। सूत्रों के मुताबिक फाइनांशियल मार्केट के लिए भी कदम उठाए जाएंगे और एफपीआई को सरचार्ज से राहत दी जाएगी। विदेशी निवेशकों के लिए शर्तें आसान की जाएंगी। सरकार का बैंक और एनबीएफसी पर खास फोकस होगा। इसके अलावा रियल एस्टेट सेक्टर में हाउसिंग सेक्टर के लिए बड़े कदम उठाए जाने की योजना है।


सूत्रों के मुताबिक छोटे और मझौले उद्योगों को आसान शर्तों पर कर्ज के लिए खास इंतजाम की तैयारी है जिसके लिए रोजगार देने वाले सेक्टर फोकस में रहेंगे। इस पर प्रधानमंत्री कार्यालय में दो से तीन बैठकें हो चुकी हैं। अब जल्द ही राहत पैकेज का एलान हो सकता है।


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