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भारी-भरकम जुर्माने पर मचा घमासान, ट्रैफिक के नए नियम पड़ रहे भारी!

देश में इस वक्त जो खबर सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोर रही है वो है ट्रैफिक नियम तोड़ने पर भारी भरकम जुर्माना।
अपडेटेड Sep 06, 2019 पर 15:10  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

देश में इस वक्त जो खबर सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोर रही है वो है ट्रैफिक नियम तोड़ने पर भारी भरकम जुर्माना। नए मोटर व्हीकल एक्ट के लागू होने के बाद जुर्माने की रकम हजारों में पहुंच गई है। हम 23 से लेकर 47 हजार रुपए तक जुर्माने की खबरें सुन चुके हैं। इसे लेकर काफी हल्ला भी मच रहा है। देश के ज्यादातर राज्यों ने नए नियम लागू कर दिए हैं लेकिन कुछ राज्यों ने इसे होल्ड पर भी डाल दिया है। ये एक ऐसा विषय है जिसके दोनों तरफ सवाल उठ रहे हैं या उठाए जा सकते हैं?


1 सितंबर से ट्रैफिक के भारी भरकम जुर्माने वाले नए नियम लागू हो गए हैं। इसी के साथ नियमों को सख्ती से लागू करवाने के लिए ट्रैफिक पुलिस भी अचानक से एक्टिव हो गई है और इसके लिए जरिया बन रहा है भारी भरकम जुर्माना। किसी का 23 हजार का चालान तो किसी का 32 हजार का। एक ऑटोरिक्शा वाले का तो 47 हजार रुपए तक का चालान कट चुका है। आलम ये है कि लोग जुर्माना भरने के बजाय अपनी गाड़ी को छोड़ना पसंद कर रहे हैं। भारी भरकम जुर्माना लगाने और गाड़ी जब्त करने के पीछे ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की अपनी दलील है।


मोटर व्हीकल एक्ट में सरकार ने ट्रैफिक नियम तोड़ने पर जुर्माना कई गुना बढ़ा दिया है। जैसे तेज गाड़ी चलाने पर अब 5,000 रुपए के जुर्माना या 3 महीने की जेल हो सकती है। वहीं शराब पीकर गाड़ी चलाने पर 10,000 रुपए का जुर्माना या 6 महीने की जेल है। बिना लाइसेंस ड्राइविंग करने पर 5 हजार रुपए का जुर्माना है जबकि बिना हेलमेट और सीट बेल्ट लगाए बिना ड्राइविंग करने पर एक हजार रुपए का जुर्माना है। ट्रैफिक सिग्नल तोड़ा या फोन पर बात करते ड्राइविंग करते पकड़े गए तो 5 हजार रुपए जुर्माना या 6 से 12 महीने की जेल हो सकती है। भारी भरकम जुर्माने को लेकर घमासान मचा हुआ है। हालांकि रोड ट्रांसपोर्ट मंत्री नितिन गडकरी का मानना है कि इससे लोग नियमों का पालन करेंगे।


नए ट्रैफिक नियमों के ऊपर राजनीति भी हो रही है। भारी भरकम जुर्माने को लेकर पंजाब, मध्य प्रदेश, राजस्थान, पश्चिम बंगाल और गुजरात ने एतराज जताया है। नितिन गडकरी इन्हें भी नसीहत दे रहे हैं। चालानों की खबरें सोशल मीडिया पर भी छा गई हैं। इस पर तरह-तरह के मीम्स बन रहे हैं। कोई नए नियमों की आलोचना कर रहा है तो कोई इनका मजाक उड़ा रहा है। मोटर व्हीकल एक्ट में संशोधन कई सालों से अटके हुए थे। मोदी सरकार ने इन्हें लागू करवा कर बोल्ड फैसला लिया। जुर्माना भारी भरकम है इसलिए इसकी आलोचना हो रही है। सवाल ये है कि क्या सरकार ने ज्यादा जुर्माना ठोक दिया है? क्या इससे ट्रैफिक की व्यवस्था दुरुस्त हो जाएगी? क्या चालान के नाम पर भ्रष्टाचार भी बढ़ेगा? तो आज इस ज्वलंत मुद्दे पर होगी जोरदार चर्चा।


 


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