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आवाज़ अड्डा: सेक्सुअल हैरासमेंट रोकने का कानून बेअसर!

प्रकाशित Tue, 09, 2018 पर 08:02  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

अमेरिका में शुरू हुआ मी टू कैंपेन करीब साल भर बाद भारत में तूफान खड़ा कर रहा है। अभिनेत्री तनुश्री दत्ता ने एक्टर नाना पाटेकर पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। उन्होंने पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई है। इसके बाद अलग अलग प्रोफेशन की महिलाओं ने अपने करियर के दौरान उनके साथ सेक्सुअल हैरासमेंट के तजुर्बे सोशल मीडिया पर शेयर किए हैं। इसके बाद बहस शुरू हो गई है। क्या हमारी फिल्म इंडस्ट्री में पुरूषों का बोलबाला है और इसलिए तनुश्री दत्ता को अपनी बात असरदार तरीके से रखने के लिए 10 साल तक इंतजार करना पड़ता है और वो भी उस वक्त जब मी टू कैंपेन ने माहौल बना रखा है। तनुश्री दत्ता की मंशा पर सवाल किए जा रहे हैं। फिल्म इंडस्ट्री के ज्यादातर दबंग एक्टर डायरेक्टर ने सधी हुई चुप्पी साध रखी है। सिर्फ फिल्म इंडस्ट्री ही नहीं मीडिया, स्पोर्ट्स, कॉरपोरेट हर जगह से ऐसी खबरें आती रहती हैं कि महिलाओं को काम के दबाव के साथ पुरूष सहयोगियों के अनुचित व्यवहार का सामना करना पड़ता है। सवाल है कि क्या पुरूषों के साथ महिलाओं का इज्जत के साथ काम करना आज भी मुमकिन नहीं है।


हॉलीवुड के बाद अब बॉलीवुड में भी मीटू मुहिम जोर पकड़ने लगी है। फिल्म इंडस्ट्री में छेड़छाड़ के मामले नए नहीं हैं। लेकिन अभिनेत्री तनुश्री दत्ता ने नाना पाटेकर पर 2008 में फिल्म हॉर्न ओके प्लीज की शूटिंग के दौरान जो यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं उन्हें काफी गंभीरता से लिया जा रहा है। इस मामले में तनुश्री ने नाना के खिलाफ शिकायत भी दर्ज कराई है। हालांकि नाना कह रहे हैं कि जल्द ही सच सबके सामने आ जाएगा।


बॉलीवुड में यौन उत्पीड़न के एक दूसरे मामले ने भी जोर पकड़ लिया है। 2015 में बॉम्बे वेलवेट के प्रमोशनल टूर के दौरान क्रू में शामिल फैंटम फिल्म्स की एक महिला ने डायरेक्टर विकास बहल पर छेड़छाड़ का गंभीर आरोप लगाया है। मामला तब और तूल पकड़ गया जब फिल्म अभिनेत्री कंगना रनौत ने आरोप लगाया कि विकास बहल ने उन्हें कई मौकों पर असहज महसूस कराया था। इसके बाद एक और अभिनेत्री ने विकास पर जबरन किस करने का आरोप लगाया दिया है। पूरे मामले में अनुराग कश्यप और विक्रम मोटवानी ने माफी मांगकर विकास से पल्ला झाड़ लिया है। वहीं महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी मी-टू मुहिम का स्वागत कर रही हैं।


हाल ही में एआईबी के स्टैंडअप कॉमेडियन उत्सव चक्रवर्ती का मामला सामने आया था। उत्सव पर कई महिलाओं ने यौन शोषण के आरोप लगाए जिसके बाद एआईबी ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया। को-फाउंडर तन्मय भट को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। जबकि गुरसिमरन खम्बा को छुट्टी पर भेज दिया गया है। सोशल मीडिया पर महिलाओं ने कुछ मीडिया प्रोफेशनल्स के खिलाफ भी सेक्सुअल हरैसमेंट के आरोप लगाए हैं। समय-समय पर फिल्म अभिनेत्रियों के साथ यौन उत्पीड़न या छेड़छाड़ के मामले सामने आते रहते हैं। लेकिन अब मी टू मुहिम से महिलाओं को ये साहस मिला है कि वो अपने साथ हुई ऐसी ज्यादती को सामने रख सकें। ये किसी एक तनुश्रीदत्ता, कंगना की बात नहीं है। हर पेशे, हर दफ्तर में ये देखने सुनने को मिल सकता है। सवाल है कि इस बार शुरू हुई इस मुहिम का क्या ठोस असर देखने को मिलेगा। जिन लोगों ने पद, प्रभाव और पैसे के दम पर महिलाओं से बदसलूकी की, क्या उन्हें सजा मिलेगी।