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आवाज़ आंत्र्यप्रेन्योर: ओक्सन फार्म किसानों को देता है किराए पर मशीन

प्रकाशित Sat, 24, 2018 पर 18:00  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

हर सेक्टर के सुधार और डेवेलपमेंट में टेक्नोलॉजी एक अहम भूमिका निभा रही है। इसमें एग्री सेक्टर शामिल है क्योंकी मौसम के भरोसे चलने वाले कृषि क्षेत्र को बढ़ावा टेक्नोलॉजी से ही मिलेगा और अब ये अत्यावश्यक बन चुका है। आज भी भारत का हर किसान कई परेशानियों का सामना कर रहा हैं जैसे इस सेक्टर में सही लेबर की कमी, लिमिटेड लोगों तक टेक्नोलॉजी की पहुंच और टेक्नोलॉजी अपनाने में आ रही अड़चने। इसी गैप को दूर करने की मकसद से शुरू हुआ ओक्सन फार्म। 2015 में विश्वजीत जर्मनी इंस्टिट्यूट के लिए कृषि क्षेत्र में इनोवेशन को बढ़ावा देने पर काम कर रहे थे तब उन्होंने एग्री सेक्टर से जुड़ी परेशानियों को करीब से देखा। किसानों के साथ काम करते समय विश्वजीत ने ये जाना की मौसम और फसल की सही कीमत न मिलने के अलावा किसान लेबर की समस्या से सबसे ज्यादा परेशान हैं। लेबर की कमी की इस दिक्कत को विश्वजीत ने मशीनीकरण के जरिए दूर करने के पर काम किया।


टेक्नोलॉजी और मशीन मुहैया कर किसानों की दिक्कतें दूर करना ओक्सन फार्म का मुख्य उद्देश्य है। कंपनी ने काम की शुरूआत किसानों को छोटी मशीन और सर्विसेस महय्या करने से की। विश्वजीत को किसानों के साथ काम करते समय फूड ग्रेन हार्वेस्टिंग में बड़े मौके दिखे और अब कंपनी ज्यादा फोकस गेंहू, धान, मक्का, सोयाबीन की हार्वेस्टिंग पर कर रही है। किसानों पर मशीन खरदीने का बोझ कम हो इसलिए कंपनी पे पर यूज मॉडल पर काम करती है। इससे किसान अपनी जरूरत के हिसाब से मशीन हायर कर सकता है और जरूरत के हिसाब से इस्तेमाल कर सकता है। किसानों को मशीन मुहैया करवाने के लिए कंपनी सर्विस चार्ज लेती है और इसी से अपना रेवेन्यू भी कमाती है।


किसानों तक मशीन कम दाम में पहुंचाने के लिए ओक्सन फार्म मशीन के मालिकों से संपर्क कर उनसे मशीन हायर करती है। ओक्सन फार्म के साथ जुड़ने से किसानों की लागत कम होती है, जैसे अगर कोई किसान ऑक्सेन फार्म से मशीन लेता है तो उसकी कुल लागत 50-60 फीसदी तक कम हो जाती है। मशीन के इस्तेमाल से  फसल का उत्पाद भी अच्छा निकलता है। साथ ही किसानों का समय भी बचता है और मशीन के जरिए काम करवाने से फसलों का नुकसान भी कम होता है।


फार्मिंग में मजदूर न मिल पाने की परेशानी दूर करने और बेहतर टेक्नोलॉजी मुहैया कराने के मकसद से शुरू हुआ ओक्सन फार्म फिलहाल एमपी, यूपी, वेस्ट बंगाल, उड़ीसा, छत्तीसगढ़ में मौजूद है। अब कंपनी आंध्रप्रदेश शहर से शुरूआत कर दक्षिण भारत में पैर जमाना चाहती है।


कंपनी अपने पोर्टफोलियो को बढ़ाने के लिए फंड जुटा रही है। बिजनेस की नए प्रांत में ग्रोथ, मार्केट एक्सपैंशन के लिए कंपनी को विल्ग्रो और एंजल इंवेस्टर्स से मदद मिली है। इस साल सितंबर में कंपनी ने एंजल इंवेस्टर्स से फंड जुटाया था जिससे नया टेक्नोलॉजी प्लाटफॉर्म बनाने के लिए इस्तेमाल किया गया।


किसानों की जिंदगी आसान करने के लिए कंपनी मशीन के साथ साथ टेक्नोलॉजी भी मुहैया करवाना चाहती है। कृषि क्षेत्र में बदलाव लाने के लिए कंपनी आईओटी टेक्नोलॉजी, रिमोट सेंसिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे प्लेटफॉर्म का सहारा ले रही है। जहां कंपनी ने पिछले एक साल में 2 करोड़ से ज्यादा का रेवेन्यू कमाया है। वहीं अब कंपनी अगले 5 साल में 1000 करोड़ का रेवेन्यू कमाने के लक्ष्य से काम कर रही है। आने वाले समय में कंपनी का खास फोकस ऐप बेस्ड सुविधाओं पर होगा।