आवाज़ आंत्रप्रेन्योरः कॉफी मार्केट में कारोबार के मौके -
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आवाज़ आंत्रप्रेन्योरः कॉफी मार्केट में कारोबार के मौके

प्रकाशित Sat, 04, 2018 पर 14:24  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

अ कॉफी अ डे कीप स्टेस अवेय, कम से कम कॉफी के दीवाने तो यही मानते हैं और इसी कॉफी को एक नए ट्विस्ट के साथ पेश कर रहा है दिल्ली का स्टार्टअप स्लीपी आउल। कोल्ड ब्रू इंस्टेंट कॉफी के कॉन्सेप्ट पर काम कर रहा ये स्टार्टअप कॉफी को एक इजी टू मेक और इजी टू ड्रिंक बेवरेज बनाना चाहता है।


दिन की फ्रेश शुरुआत करनी हो,  या देर रात तक जागना हो, कॉफी हर सफर की बढ़िया पार्टनर है। लेकिन अच्छी कॉफी मिलना और बनाना, दोनों ही आसान नहीं है। तीन दोस्तों की तिगड़ी - अश्वजीत सिंह, अजीत थांदी और अरमान सूद ने भी अपनी पढ़ाई और काम के दिनों में अच्छी कॉफी न मिलने की प्रॉब्लेम को काफी छेला। लेकिन इसकी आदत डालने के बजाय उन्होंने अच्छी कॉफी बनाने को आसान करने की ठानी। 2016 में इस तिगड़ी ने कॉफी बनाने की आइडिया को कोरोबार में तब्दील किया और स्लीपी आउल नाम से कोल्ड ब्रू कॉफी स्टार्टअप की शुरुआत की।


स्लीपी आउल कोल्ड ब्रू कॉफी के लिए अरेबिका बीन्स का इस्तेमाल करता है। इन फार्म फ्रेश बीन्स को ग्राइंड कर इन्हें 20-24 घंटे तक ब्रू किया जाता है और ऐसे तैयार होती है इंस्टेंट कोल्ड ब्रू कॉफी। स्लीपी आउल कॉफी की खासियत ये है कि इसे बनाने के लिए हीट का इस्तेमाल नहीं होता। इससे कॉफी की कड़वाहट और ऐसिडिटी दोनों ही काफी कम हो जाती है और कॉफी का फ्लेवर बेहतर आता है। कंपनी कॉफी को सेल्फ ब्रू और रेडी टू ड्रिंक, दो तरह की पैकेजिंग में ग्राहकों तक पहुंचाती है।


अपने प्रोडक्ट को ग्राहकों तक पहुंचाने के लिए स्लीपी आउल बी2बी और बी2सी प्लेटफॉर्म पर काम करती है। कंपनी अपनी वेबसाइट के साथ अमेजॉन पर भी प्रोजक्ट बेचती है। बी2बी के लिए कैफे और रेस्त्रां में सीधे अपने प्रोडक्ट पहुंचाने के साथ-साथ कंपनी कॉर्पोरेट ऑफिस के साथ करार करती है जिससे हुए ब्रांड वैल्यू बनाने का काम हर तरफ से हो सके। स्लीपी आउल फिलहाल पॉप अप बेसिस पर केपीएमजी, कॉमिक कॉन और इनॉ8 ऑफिसेज कैंपस में मौजूद है। रिटेल मार्केट में स्लीपी आउल फूडहॉल, मॉडर्न बाजार और ल मार्च जैसे बड़े रिटेल स्टोर्स के साथ लोकल शॉपिंग स्टोर में मौजूद है। कंपनी का रेवेन्यू इन सभी प्लैटफॉर्म से आता है हालांकि 60-70 फीसदी ऑनलाइन मॉडेल कॉन्ट्रिब्यूट करता है। ब्रांड लॉयल्टी बढ़ाने के लिए कंपनी सबस्क्रिपशन मॉडेल भी शुरू कर चुकी है, जिसमें हर 7 या 15 दिन में कॉफी की डिलीवरी होती रहती है। प्रोडक्ट को अलग बनाने में कंपनी के अनोखे नाम और खास पैकेजिंग का भी अहम रोल रहा। इसे फाइनल करने से पहली स्लीपी आउल ने इस पर खास ध्यान दिया था।


स्लीपी आउल जैसे सेटअप को खड़ा करने में 12 लाख का शुरुआती निवेश लगा। कंपनी ने ये राशी अपनी सेविंग और फैमिली से जुटाई। लेकिन बिजनेस को अगले लेवेल तक ले जाने में उन्हें मदद मिली डीएसजी पार्टनर की 3.5 करोड़ रुपये की फंडिंग से। कंपनी ने इस पूंजी का इस्तेमाल पहुंच बढ़ाने और प्रोडक्ट डेवलेपमेंट में किया है। स्लीपी आउल अब तक 25 हजार से ज्यादा ग्राहकों तक पहुंच चुकी है। साल दर साल आधार पर कंपनी 100 फीसदी ग्रोथ रिकॉर्ड कर रहा स्लीपी आउल का लक्ष्य है कि वो दो सालों में रिटेल स्टोर प्रेसेंस को मौजूदा 100 स्टोर से बढ़ाकर 1000 पर लेकर जाए। कंपनी खुद को एक यूनिक ब्रांड के तौर पर लोगों के घर और ऑफिस में जगह बनाने का फ्यूचर प्लैन रखती है। इसलिए कंपनी नए फ्लेवर लाने पर काम कर रही है।


ब्रू कॉफी के कॉन्सेप्ट को बरीस्ता, कैफे कॉफी डे, स्टारबक्स जैसे  ब्रांड पॉप्यूलर कर चुके है  साथ ही अब कॉफी मार्केट में फ्रेश ब्रू और सेवेन बीन्स जैसे स्टार्टअप भी अपना हाथ आजमा रहे हैं। भारत में जहां चाय सबसे पसंदीदा बेवरेज है वहीं कॉफी भी धीरे-धीरे पॉप्यूलर च्वाइस बनती जा रही है। ऐसे में नए फ्लेवर और फॉर्मेट लाने का ये सही वक्त है।