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आवाज़ आंत्रप्रेन्योर: ई-फार्मसी में स्टार्टअप के बढ़ते कदम

प्रकाशित Sat, 15, 2018 पर 13:29  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

छोटा हो या बड़ा, नया हो या पुश्तैनी, हर कारोबार को पूरी तरह कामयाब बनाने के लिए ऑनलाइन एक अहम पडाव बन चुका है। चेन्नई के प्रदीप दाढा ने भी इस पहलू को समझा, सही वक्त को पहचाना और फार्मसी के 100 साल पुराने फैमिली बिजनेस की दुकान को ऑनलाइन शुरू दिया। 2015 में शुरू हुई इस नई डिजिटल फार्मसी का नाम रखा गया- नेटमड्स।


इंडिया की फार्मसी- नेटमेड्स दवाईयों की ऑनलाइन दुकान है। दवाईयों की ऑनलाइन खरीदारी के लिए ग्राहकों को कंपनी की वेबसाइट, ऐप या वॉट्सऐप के जरिए अपना प्रेसक्रिपशन दिखाना होता है। हर प्रेसक्रिपशन को नेटमेड्स के फार्मसिस्ट वेरिफाय करते हैं जिसके बाद ऑर्डर बुक किया जाता है। ऑर्डर प्लेस करने के बाद दवाईयां सीधे आपके घर पहुंच जाती है।


फार्मास्यूटिकल्स इंडस्ट्री से प्रदीप का पुराना रिश्ता रहा है। प्रदीप के पिता मोहनचंद दाढा 1914 में शुरू की गई डाढा फार्मास्टिकल्स के एमडी रह चुके है और देश की नामी मैन्यूफैक्चरिंग फर्म- सन फार्मा के बोर्ड मेंबर भी हैं। अपने पिता का फार्मसी और ड्रग मैन्यूफैक्चरिंग में तगडा अनुभव और मौजूदा इन्फ्रास्टक्चर का फायदा प्रदीप ने बखुवी उठाया । डिस्ट्रीब्युशन से  इनवेंट्री और प्रोडक्शन तक नेटमड्स को नेटवर्क से काफी फायदा मिला। देशभर में मौजूद अपने वेयरहाउस के जरिए नेटमेड्स का काम आसान हुआ और इस फैली हुई पहुंच को अपनी ताकत भी मानता है।


नेटमेड्स फिलहाल 15800 पिनकोडस् तक दवाईयां पहुंचाता है। दवाईयों की सेल से ही कंपनी रेवेन्यू कमाती है। अपने 3 साल के सफर में नेटमेड्स हर महिने 24-25फीसदी की  ग्रोथ  से साथ आगे बढ़ रही है। कंपनी अपनी पहुंच को मजबूती से बढ़ाने के लिए tier 2, 3, और tier 4 शहरों पर खास ध्यान दे रही है। ब्राडेड मेडिसन के साथ साथ किफायती जनरेकि मेडिसिन ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने पर कंपनी का फोकस रहा हैं।


फार्मा इंडस्ट्री में सालों के अनुभव का फायदा प्रदीप को शुरूआती दौर में जरुर मिला फिर भी कारोबार को ऑनलाइन ले जाने की प्रोसेस आसान नही रही। दवाईयों को भी ऑनलाइन खरीदा जा सकता है इस कॉन्सेप्ट को ग्राहकों तक पहुंचाना, और भरोसा हासिल करने में काफी मेहनत लगी। इसके लिए विज्ञापन औऱ मार्केटिंग के बगैर आगे बढना मुमकीन नही था। अपने ब्रैंड की भरोसेमंद इमेज बनाने के लिए कंपनी ने कैप्टन कूल महेंद्र सिंह धोनी को नेटमड्स को ब्रांड एंबेसडर के तौर पर चुना।


कारोबार की बढ़ती जरूरतों को मैच करने के लिए निवेश और टेक्नोलॉजी पर भी कंपनी ने फोकस किया।


नेटमेड्स अब तक 20 लाख ग्राहकों तक अपनी पहुंच बना चुकी है। आने वाले वक्त में मार्केट शेयर बढ़ाने के लिए कंपनी टियर 2,3 शेहरों में ऑफलाइन स्टोर भी खोलने का प्लान रखती है। नेटमेड्स के एक्सपैंशन प्लैन को फंडिंग का सहारा मिला है। कंपनी ने सीरीज A राउंड में 50 मिलियन डॉलर, सीरीज B में 14 मिलियन डॉलर और हाल ही में सीरीज सी राउंड में 35 मिलियन डॉलर की फंडिंग जुटाई है। भारत में ई- फार्मा इंडस्ट्री करीब 1000 करोड़ की वैल्यू रखती है जो कि रीटेल फार्मास्यूटिकल इंडस्ट्री का सिर्फ 1 फीसदी हिस्सा ही है। इससे साफ है कि इंडस्ट्री में नेटमेड्स समेत 1एमजी डॉटकॉम, मेडलाइफ, फार्म इजी, बिगकेमिस्ट, एमकेमिस्ट एंड प्रेटो डॉटकॉम जैसे प्लेयर्स के लिए मौको की कोई कमी नहीं है।