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आवाज आंत्रप्रेन्योरः मेडिकल सप्लाइज का अरऑर्गनाइज्ड बाजार, क्या है दिक्कतें

हिमो डायलेसेस सेंटर सेटअप करने का काम करते वक्त Vivek ने देश के छोटे शहरों में हेल्थकेयर सुविधाए मिलने में हो रही दिक्कतें नजदीक से देखी।
अपडेटेड Sep 02, 2019 पर 15:39  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

Vivek Tiwari एक ऐसा आंत्रप्रेन्योर जिसने हेल्थकेयर इंडस्ट्री को करीब से देखा है। हिमो डायलेसेस सेंटर सेटअप करने का काम करते वक्त Vivek ने देश के छोटे शहरों में हेल्थकेयर सुविधाए मिलने में हो रही दिक्कतें नजदीक से देखी। तब vivek को लगा मेडिकल सप्लाइज में होने वाली देरी, किमतों में दिख रही उंच नीच जैसे problems को सुलझाने का सही तरीका टेक्नोलॉजी ही है।


मेडिकल सप्लाइज को सही वक्त और कीमत पर मुहय्या कराने के लिए Vivek ने अपने पार्टनर Ketan Malkan के साथ Medical Supplies और Equipments का B2B platform Medikabazaar की शुरूआत की लेकिन इसके पहले ग्राहक यानी हॉस्पिटल्स, मेडिकल instutions डॉक्टर्स से इस तरह के डिजिटल प्लेटफॉर्म से मिलने वाली सहुलियतों की समझ दी, क्यों की किसी भी नए कॉन्सेप्ट के लिए consumer accepatance काफी मायने रखता है। इसी मेहनत की बदौलत 2015 में Medikabazaar के लॉन्च के बाद कंपनी ने पिछे मुडकर नही देखा।


महज 5000 प्रोडक्ट्स की रेंज से शुरू हुए Medikabazaar प्लेटफॉर्म पर आज ढाई लाख से ज्यादा प्रोडक्ट्स की वेरायटी उपलब्ध है। कंपनी 31 हजार से ज्यादा मेडिकल सेंटर्स से जुडी है। साथ ही 15  fulfilment centers के जरीए 20 हजार पिन को़ड्स पर कंपनी products Deliver करती है। लेकीन इस मकाम तक पहुंचना फाउंडर्स के लिए आसान नही रहा।


सप्लायर्स की लिस्ट में 250 से ज्यादा विदेशी manufacturers है जो भारतीय मार्केट में सिर्फ मेडिकाबाजार के जरिए अपनी पहुंच बना पाएं है। मेडिकल इंडस्ट्री में हो रहे इनोवेशनंस को ग्राहकों तक पहुंचाने के लिए मार्किटींग बेहद  जरुरी है, जिससे जरुरत मंद तक पहुंच बनाने का mfgers का काम आसान होता है।


Medikabazaar एक डिजीटल प्लेटफॉर्म है और कंपनी ने अपना दायरा टेक्नोलॉजी के दम पर ही आगे बढ़ाया है। कंपनी ने IT team ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग के जरिए वैल्यू प्रॉक्योरमेंट सिस्टम बनाई है।


किसी भी इकॉमर्स बिजनेस का बैकबोन सप्लाईचेन और लॉजिस्टिक होता है, खासकर मेडिकल सेक्टर में इसकी अहमियत इतनी है जो सिधे पेशंट की जान बचाने से जुडी है। इसिलिए कंपनी ने फुलफिल सेंटर्स का नेटवर्क बढ़ाया और साथ ही inhouse हाइपर local fleet की शुरूआत की।


3-4 करोड़ स्टार्टअप कैपिटल से फाउंडर्स ने कारोबार को शुरु किया। भारत में इस तरह के प्लेटफॉर्म में पोटेंशियल देखते हुए कंपनी में निवेशकों ने भी भरोसा दिखाया पिछले साल medikabazaar ने healthcare venture capital fund HealthQuad से 5 मिलियन डॉलर का Series A fund जुटाया था और अब सिरीज B राउंड जुटाने की तैयारी फाउंडर्स कर रहे है। वित्त वर्ष  2019-20 में 5 गुना ग्रोथ से 100 मिलियन डॉलर रेवे्नयू के लक्ष्य को हासिल करने के इरादे से कंपनी अपनी ग्रोथ स्ट्रैटेजी बना चुकी है।


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