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Awaaz Entreprenure: 2015 में शुरू हुए स्टार्टअप Ithaka के साथ करें ट्रैवलिंग का प्लान

इथाका एक ऐसी कम्यूनिटी बनाता है, जो आपकी इच्छित जगह जा चुके हैं ताकि ट्रैवलर चैट कर जान सके कि वहां कैसे घूम सकते हैं।
अपडेटेड Sep 09, 2019 पर 08:57  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

क्या आप छुट्टी प्लान कर रहें हैं? और दोस्तों, रिश्तेदारो के साथ coordinate करते करते  और उनकी पसंद ना पसंद के बारे में सोचकर आपका सर चकरा रहा है तो मुंबई का एक स्टार्टअप है जो आपकी मदद कर सकता हैं। Ameya Sahasrabudhe और Rahul Singh की ITHAKA आपकी  bookings से लेकर क्या  must-do and must-see की भी checklist सब handle करती है, साथ ही इन्फ्लूएंसर्स से भी कनेक्ट करती है


आप घूमने के शौकीन हैं या अक्सर बिजनेस टूर पर जाते रहते हैं, तो कुछ ट्रैवल एप्लिकेशंस की जानकारी होना आपके काम आ सकता है। ऐसे एप्लेकशंस के जरिए आप दुनिया में रोचक या दिलचस्प डेस्टिनेशन्स की तलाश करने के साथ रास्ते जानने, ट्रिप की प्लानिंग करने, सोलो ट्रैवलर्स के साथ नेटवर्क बनाने और प्लेन और होटलों की बुकिंग तक कर सकते हैं। आज हम ऐसे ही एक ऐप के बारे में बात करेंगे, जिसका नाम है इथाका, जो ट्रैवलर और इन्फ्लूएंसर के बीच कनेक्ट बनाने का काम करता है। इथाका देश की बड़ी ट्र्रैवल कंपनी थॉमस कुक से integrated एक चैट बेस्ड ट्रैवल प्लानिंग प्लेटफॉर्म है जिसके जरिए इन्फ्लुएंसर्स आपको डेस्टिनेशन्स की जानकारी मुहैया करवाते हैं। इस एप को एंड्रॉइड व आईओएस प्लेटफॉर्म्स पर डाउनलोड किया जा सकता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत हैं इसके प्लानिंग फंक्शंस।​


भारत के यूथ भारत के मुकाबले विदेश में सबसे ज्यादा घूम रहे हैं। पहली बार घूमने जाने में कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इसके लिए हमने इसकी शुरुआत की थी। इथाका एक ऐसी कम्यूनिटी बनाता है, जो वहां जा चुके हैं ताकि ट्रैवलर चैट कर जान सके कि वहां कैसे घूम सकते हैं।


दुनिया भर के लगभग 15 देश घूम चुके राहुल सिंह को शुरुआत में टॅवल करते वक्त कई दिक्कत आती थी। लेकिन एक बार घूमकर आने के बाद दोस्त उनसे वहां के बारे में पूछते थे, राहुल उनके ट्रैवल गाइड बन जाते थे। इसी समय राहुल को खयाल आया कि ऐसे कई ट्रैवलर्स हैं जो इन दिक्कतों से गुजरते है, ट्रैवलर्स की जर्नी आसान बनाने के उद्देश्य से 2015 में इथाका की शुरूआत हुई। हालांकि उस वक्त कंपनी अलग मॉडल पर काम करती थी, लगभग 2 साल की रिसर्च के बाद 2018 में इथाका का कंट बिजनेस मॉडल ऑपरेशनल कंपनी ने टेक्नोलॉजी की मदद से ट्रैवलर्स की उलछने  सुलझा रही है लेकिन इस सफर में बिजनेस अभी भी काफी चुनौतियां झेल रहा हैं। इंडिया से विदेश जाने वालों की संख्या तेजी से बढ़ रही है फिर भी इथाका का सबसे बड़ा चैलेंज है लोगों को इस प्लेटफॉर्म के बारे में बताना क्योंकि लोगों को आइडिया ही नहीं है कि ऐसा भी कोई सॉल्यूशन हो सकता है, लोग सीधे सीधे ट्रैवल एजेंट के भरोसे रहते हैं।


4 साल के सफर में कंपनी अब तक 7 करोड़ जुटा चुकी है जिसमें देश की बड़ी ट्रैवल कंपनी थॉमस कुक बड़ा निवेशक बनकर सामने आया है। कंपनी एप डाउनलोड करने और ट्रैवल प्लानिंग पर यूजर्स से पैसे तो नहीं चार्ज करती लेकिन अलग अलग देशों के वेंडर से कमिशन लेती है और यही है कंपनी का रेवेन्यू मॉडल।


Ameya और Rahul  इस बिजनेस को काफी चैलेंजिंग मानते हैं, उनका मानना है  ट्रैवल कंपनी में काम करना यानि 1 साथ कई कंपनियों में काम करने जैसा है। इथाका फिलहाल आपको ट्रैवल करने से पहले आइटनरी बनाने में मदद करती है लेकिन डेस्टिनेशन पर पहुंचने के बाद ग्राहकों की मदद करने में कंपनी ने काम करना अभी भी नहीं छुआ है, इस पर इथाका को काफी काम करना बाकि है, आने वाले समय में कंपनी इसी पर फोकस करेगी।


रेवेन्यू​ की बात करें तो कंपनी ने सालाना 6-7 करोड़ का मुनाफा कमाया है जो पिछले साल के मुकाबले डबल है। अगले साल तक 200 करोड़ तक पहुंचने का लक्ष्य है। कंपनी के पास फिलहाल 35 लोग हैं, और आने वाले समय में 100 लोगों को हायर करने की योजना है। अब तक कंपनी 10,000 ग्राहकों को टार्गेट कर रही है जो साल में 20 प्रतिशत बढ़ाना कंपनी का लक्ष्य है।


कंपनी निवेश का 30 प्रतिशत हिस्सा मार्केटिंग पर लगा रही है, ताकि सर्च इंजिन में कंपनी का ऑप्शन सबसे पहले आए। ट्रैवल मार्केट पर मौजूद जरुरत से ज्यादी जानकारी होना भी एक समस्या बन चुकी है। यही कारण है कि कंपनी लिमिटेट कॉन्टेंट पर फोकस करती है। इथाका का प्रेजेंस फिलहाल 20 देशों में वेंडर्स के जरिए बना हुआ हैं। यूरोप और साउथ ईस्ट एशिया में कंपनी की अच्छी पहुंच है। फाउंडर्स का मानना है कि वो शुरुआत से ही ग्लोबल कंपनी बनाने की चाहते से कंपनी ने फॉरेन मार्केट को चुना।


भारतीय बाजार में ट्रिप प्लानिंग के लिए ट्राइपोटो (Tripoto), ट्रिप प्लानर (Trip Planner) जैसे कई सारे ऐप पहले से मौजूद हैं जो लोकल्स के साथ कनेक्ट करते है जहां युजर्स की बनाई गई आईटिनरीज और ट्रैवलॉग्स को एकदम आसानी से देखा जा सकता है। इसके साथ ही यह ट्रैवलर्स के सोशल नेटवर्क को भी सपोर्ट करता है। लेकिन कंपनी इन्हें कॉम्पिटिर नहीं मानती, कंपनी का कहना है कि कॉन्टेंट क्रिएटर्स और ब्लॉगर्स ही उनके असली कॉम्पिटिर हैं,असली मुकाबला इन्ही से है। फाउंडर्स कहते हैं कि इंटरनेट पर लाखों लोग तमाम इंफॉर्मेशन दे चुके हैं। ब्लॉग भी हैं, लेकिन सब स्कैटर्ड हैं, ऑर्गनाइज्ड नहीं है।


विश्व में हर 7वां इंसान ट्रैवलर है इसिलिए ट्रैवलिंग का मार्केट 1 ट्रिलियन डॉलर का बना है, भारत की बात करें तो सालाना 2.5 करोड़ लोग ट्रैवल करते हैं जो 2 साल में दोगुना होने वाला है। यहां बन रहे मौके को कैश करने के साथ साथ विश्व के 20 देशों में पहुंच बनाया इथाका दूसरे देशों के ट्रैवलर पर फोकस कर उन्हें भारत लाने की कोशिश में जुटी है ताकि भारत के टूरिज्म को बढ़ावा मिल सके।


 


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