Moneycontrol » समाचार » बाज़ार खबरें

राम मंदिर से बदलेगी अयोध्या की अर्थव्यवस्था, जानिए योगी सरकार की क्या है योजना

राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ग्लोबल टूरिज्म के नक्शे पर अयोध्या की धमक बढ़ने वाली है।
अपडेटेड Nov 18, 2019 पर 09:07  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

उत्तरप्रदेश में सालाना करीब 28 करोड़ पर्यटक आते हैं। घरेलू पर्यटकों के लिहाज से यूपी अभी देश में दूसरे नंबर पर हैं, वहीं विदेशी पर्यटकों के लिहाज से तीसरे नंबर पर। लेकिन राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ग्लोबल टूरिज्म के नक्शे पर अयोध्या की धमक बढ़ने वाली है। उम्मीद है कि भगवान राम के जन्मस्थान अयोध्या के दम पर यूपी टूरिज्म में देश में नबंर वन का खिताब जल्द हासिल कर सकता है।


क्रिश्चनिटी के लिए जो मुकाम वेटिकन सिटी और इस्लाम मानने वालों के लिए मक्का मदीना का है। दुनियां में हिन्दू धर्म मानने वालों के लिए वही मुकाम मर्यादा पुरूषोत्तम भगवान श्रीराम के जन्मस्थान को हासिल हो सकती है। मतलब साफ है, अयोध्या की पूरी अर्थव्यवस्था बदलने वाली है। अयोध्या में रोजाना आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं की संख्या में कई गुना बढ़ोत्तरी होगी जिसे लोगों के लिए रोजगार की भी अपार संभावनाएं पैदा होंगी। अयोध्या को आधुनिक बनाने के लिए योगी सरकार की अप्रूव्ड मास्टर प्लान के मुताबिक इंटरनेशनल एयरपोर्ट, सरयू नदी में क्रूज और फाईव स्टार होटल बनना प्रस्तावित है। जिसके लिए 440 करोड़ रुपए का बजट भी पास हो चुका है।


बड़े धार्मिक स्थलों की कमाई कमाई के लिहाज से तिरूपति बालाजी में सालाना करीब ढाई करोड़ श्रद्धालु आते हैं और कुल कमाई 3100 करोड़ रूपए है। वहीं शिरडी के साई बाबा के दर्शन के लिए सालाना 1 करोड़ 80 लाख श्रद्धालु आते हैं और कमाई करीब 550 करोड़ रुपए होती है। तीसरे नंबर है वैष्णो देवी मंदिर जहां सालाना 90 लाख श्रद्धालु आते हैं और कमाई 418 करोड़ रूपए होती है जबकि अयोध्या में अभी रोजाना करीब 50 हजार श्रद्धालु आते हैं लेकिन अयोध्या का कायाकल्प होने श्रद्धालुओं की संख्या में तीन गुना तक बढ़ोतरी की संभावना है।


अयोध्या में सबसे बड़ा आकर्षण का केन्द्र होगा मर्यादा पुरूषोत्तम भगवान श्रीराम की कांस्य की 221 मीटर की प्रतिमा, जो विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा होगी। अयोध्या के सौंदर्यीकरण और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भगवान राम पर आधारित कई योजनाएं भी इसमें शामिल है। अयोध्या की इंटरनेशनल ब्रांडिंग के लिए राज्य सरकार विशेष प्रयास करेगी। राज्य सरकार की योजना है कि यूपी के अयोध्या समेत पांच प्रमुख शहरों का 200 किलोमीटर का एक धार्मिक सर्किट बनाया जाएगा। इसमें लखनऊ, गोरखपुर, प्रयागराज और वाराणसी भी शामिल है।


सोशल मीडिया अपडेट्स के लिए हमें Facebook (https://www.facebook.com/moneycontrolhindi/) और Twitter (https://twitter.com/MoneycontrolH) पर फॉलो करें।