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Ayodhya Verdict LIVE: विवादित जमीन रामलला विराजमान को दी गई

सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि विवादित जमीन रामलला विराजमान को दी गई है।
अपडेटेड Nov 10, 2019 पर 13:22  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

11.35 AM


सुप्रीम कोर्ट द्वारा विवादित जमीन रामलला विराजमान को दी गई। फैसले में कहा गया है कि मंदिर बनाने का जिम्मा ट्रस्ट का होगा। केंद्र सरकार 3 महीने में एक ट्रस्ट बनाएगी। विवादित जमीन हिंदुओं को शर्तों के साथ मिलेगी। सुन्नी वक्फ बोर्ड को 5 एकड़ जमीन दी जाए।


11.20 AM


सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि विवादित जमीन हिंदुओं को शर्तों के साथ मिलेगी। सुन्नी वक्फ बोर्ड को 5 एकड़ जमीन दी जाएगी। इसके लिए केंद्र सरकार एक ट्रस्ट का गठन करेगी। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि हिंदुओं को शर्तों के साथ जमीन दी जाएगी। वहीं मस्जिद बनाने के लिए अलग जमीन दी जाएगी। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि मुस्लिम पक्ष को अलग जमीन दी जाएगी।


11.10 AM


CJI रंजन गोगोई ने कहा कि  मस्जिद पूरी तरह इस्लामिक नहीं था। इसके अलावा मस्जिद इस्लामिक मान्यता पर आधारित नहीं थी। वहीं हिंदू पक्ष वहां सीता की रसोई का दावा करता है। हालांकि सुन्नी वक्फ बोर्ड का दावा विचार योग्य है।


लेकिन सुप्रीम कोर्ट द्वारा आस्था और विश्वास के आधार पर फैसला नहीं होगा। सिर्फ आस्था पर जमीन के मालिकाना हक का फैसला नहीं किया जा सकता है।


उन्होंने कहा कि आस्था पर फैसला न्यायिक जांच के दायरे से बाहर है। यह स्पष्ट है कि मंदिर और मस्जिद निर्माण में 400 साल का अंतर है।


11.04 AM


आज आजाद भारत के सबसे चर्चित मुकदमे का निपटारा हो जाएगा। अयोध्या मामले पर CJI रंजन गोगोई की अगुवाई वाली 5 जजों की संविधान पीठ ने सर्वसम्मति से फैसला किया है। इस फैसले को CJI रंजन गोगोई ने पढ़ना शुरु किया है।


इस फैसले को देखते हुए अयोध्या में कड़ी सुरक्षा की व्यवस्था की गई है। यहां पर धारा 144 लागू है, वही रामजन्मभूमि जाने वाले सभी रास्तों को सील कर दिया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपील की है कि लोग इस फैसले में जीत-हार न देखें।


बता दें कि अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में लगातार 40 दिनों तक सुनवाई के बाद कोर्ट ने 16 अक्टूबर को इस पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया रंजन गोगोई 17 नवंबर को रिटायर हो रहे हैं, इसके पहले कोर्ट यह फैसला सुना देना चाहती थी।


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