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Bandhan Bank ने चौथी तिमाही में दिखाया दम, लोन बुक में सालाना आधार पर 21% की बढ़ोतरी

कोरोना वायरस के दूसरी लहर के डर के बीच बंधन बैंक ने निवेश का फैसला निवेशकों के लिए सही साबित हुआ है।
अपडेटेड Apr 14, 2021 पर 10:02  |  स्रोत : Moneycontrol.com

कोरोना वायरस के दूसरी लहर के डर के बीच बंधन बैंक ने निवेश का फैसला निवेशकों के लिए सही साबित हुआ है। मार्च तिमाही में बंधन बैंक  ना सिर्फ अपनी बिजनेस ग्रोथ को कायम रखने में सफल रहा है बल्कि इसने अपने 96 फीसदी ग्राहकों से रिपेमेंट भी हासिल किया है।


मार्च तिमाही में बैंक के लोन बुक में सालाना आधार पर 21 फीसदी की ग्रोथ हुई है जबकि तिमाही आधार पर बैंक की लोन बुक में 8.5 फीसदी की बढ़त देखने को मिली है। बंधन बैंक ने ये सफलता कोरोना के बढ़ते खतरे और स्टेट इलेक्शन की अफरा-तफरी के बाद हासिल की है।


एनालिस्ट का कहना है कि ये चुनौतीपूर्ण समय में बैंक के मजबूती से जमे रहने की क्षमता का संकेत है। बता दें कि चुनाव के मौसम में अक्सर लोन रीपेमेंट का गणित गड़बड़ा जाता है। कई कर्जदार नई सरकार और व्यवस्था बदलने पर कर्ज छूट की उम्मीद में कर्ज लेने और कर्ज का भुगतान करने दोनों ही कामों को रोक देते हैं।


बता दें कि बंगाल और असम चुनाव के दौर से गुजर रहे है। बंधन बैंक के माइक्रो लोन में इन दोनों राज्य का 60 फीसदी योगदान है। ये भी बताते चलें कि बंधन बैंक का मुख्य कारोबार माइक्रो फाइनेंस  का है। इस अवधि में बैंक के कलेक्शन में भी अच्छा सुधार देखने को मिला है। माइक्रो फाइनेंस लोन का कलेक्शन इस अवधि में 95 फीसदी के आसपास रहा है जबकि नॉन माइक्रो लोन का कलेक्शन 98 फीसदी पर रहा है। इससे बैंक में निवेशकों के विश्वास में और बढ़ोतरी होगी।


कर्ज की उच्च वसूली दर बैंक के एसेट क्वालिटी के लिए शुभ संकेत है। गौरतलब है कि कोरोना की दूसरी लहर ने बैंकों की एसेट क्वालिटी को लेकर चिंता पैदा कर दी है लेकिन बंधन बैंक पर इसका बड़ा प्रभाव पड़ने की उम्मीद नहीं है।


Motilal Oswal Financial Services का कहना है कि कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित राज्यों में कंपनी का एक्सपोजर बहुत कम है। उदाहरण के लिए महाराष्ट्र में बैंक की करीब 5 फीसदी शाखाएं है।


इसका मतलब यह नहीं है कि निवेशकों को कोरोना के दूसरे लहर के खतरे को लेकर लापरवाह हो जाना चाहिए। पूरे देश में कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं और किसी भी स्टेट में कभी भी रीजनल लॉकडाउन लागू हो सकते हैं। इसके अलावा ग्रोथ में सुधार के बावजूद अभी तक बैंक का लोन बुक  का विस्तार अब तक कोरोना पूर्व की स्थिति से कम रहा है जो थोड़ी चिंता पैदा करता है।


बता दें कि बंधन बैंक के शेयरों ने पिछले 1 महीने में पूरे बैंकिंग सेक्टर की तुलना मे  बहुत ही बेहतर प्रदर्शन किया है। इस अवधि में निफ्टी बैंक में जहां 11 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है वहीं बंधन बैंक में सिर्फ 1 फीसदी की कमजोरी आई है।


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