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बैंकिंग सेक्टर के Bad Loans में देखने को मिल सकती है अभूतपूर्व बढ़त: रघुराम राजन

रघुराम राजन ने कहा है कि जनधन योजना वैसा काम नहीं कर रही है जैसा कहा जा रहा है। लोगों को पैसे ट्रासंफर करने में मुश्किलें आ रही है।
अपडेटेड Jul 15, 2020 पर 14:37  |  स्रोत : Moneycontrol.com

आरबीआई के पूर्व गर्वनर रघुराम राजन ने कहा है कि अगले 6 महीनों में भारत के बैंकिंग सेक्टर में अभूतपूर्व एनपीए (Bad Loans) देखने को मिलेंगे। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा है कि जितनी जल्दी इस समस्या को पहचान लिया जाए उतना ही बेहतर होगा।


उन्होंने आगे कहा है कि कोरोना महामारी और उसके चलते लागू लॉकडाउन ने देश में कारोबार को  काफी गहरी चोट पहुंचाई है और बहुत सारे कारोबारी और उद्यमी बैंकों को पैसा लौटाने की स्थिति में नहीं है।


दिल्ली स्थिति  think-tank NCAER द्वारा आयोजित इंडिया पॉलिसी फोरम 2020 के वर्चुअल सेशन में रघुराम राजन ने कहा कि अगले 6 महीने में भारतीय बैंकों के एनपीए में अभूतपूर्व बढ़त देखने को मिलेगी। हम इस समस्या को जितनी जल्दी जान लें और इससे निपटने के लिए तैयार हो यहीं हमारे लिए बेहतर होगा।


एक समाचार पत्र में प्रकाशित वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन के एक लेख का उल्लेख करते हुए आरबीआई के पूर्व गर्वनर ने कहा कि इस लेख में जनधन योजना की सफलता के बारे में कहा गया है लेकिन बहुत से अर्थशास्त्री इसके विपरीत विचार रखते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यह भारतीय अर्थव्यवस्था की चुनौतियों का सामना करने में सफल नहीं रहा है।


उन्होंने आगे कहा कि जनधन योजना वैसे काम नहीं कर रही है जैसा कि कहा जा रहा है। हालांकि इकोनॉमी को लेकर एक बात सकारात्मक नजर आ रही है वह यह है कि कृषि सेक्टर अच्छा काम कर रहा है। यह भी सही है कि सरकार ने कुछ सुधार के कदम उठाए हैं ये ऐसे कदम है जिनकी बहुत लंबे समय से बात चल रही थी। अगर इसको ठीक से लागू किया जाता है तो निश्चित ही इससे इकोनॉमी को फायदा मिलेगा।


गौरतलब है कि सरकार ने कृषि क्षेत्र में सुधार करते हुए दशकों पुराने  Essential Commodities Act में संशोधन किया है जिसके तहत खाद्यान्न, खाद्य तेल, तिलहन, प्याज और आलू जैसे खाद्य पदार्थों को डीरेगुलेट कर दिया गया है। अब इनमें से किसी भी वस्तु पर कोई स्टॉक लिमिट लागू नहीं होगी। इसी तरह जून में सरकार ने उस अध्यादेश को मंजूरी दे दी है जिसमें कृषि उत्पादों को नोटिफाइड एपीएमसी मंडियों के बाहर भी बिना किसी प्रतिबंध के खरीदा-बेचा जा सकेगा।  




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