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जेम्स और ज्वेलरी सेक्टर से बैंकों की बेरूखी

प्रकाशित Fri, 10, 2018 पर 11:05  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

नीरव मोदी और मेहुल चौकसी बैंकों का पैसा लेकर विदेश भाग गए और उनके किए का खमियाजा पूरे ज्वेलरी सेक्टरी को भुगतना पड़ रहा है। घोटालों के चलते बैंक अब फाइनेंस देने में हिचक रहे हैं।


फाइनेंस की कमी से अब ज्वेलरी सेक्टर चमक फीकी पड़ रही हैं। इस सेक्टर में बैंक फाइनेंस पिछले साल के मुकाबले 10 फीसदी तक घट गया है। नतीजा एक्सपोर्ट्स का फाइनेंस कॉस्ट बढ़ रहा है। दूसरी तरफ घरेलू मांग में मंदी सेक्टर के लिए दोहरी मार साबित हो रही है। जानकार बताते हैं कि इस साल फाइनेंस की कमी के चलते एक्सपोर्ट में 10 फीसदी तक गिरावट आ सकती है।


पिछले 6 महीनों में घरेलू मांग में भी करीब 5 से 8 फीसदी की कमी आयी है। हांलाकि अच्छे मानसून और त्योहारों की शुरुआत होने की वजह से अगले 6 महीनों में डिमांड वापस लौटने की उम्मीद की जा रही है।


जेम्स और ज्वेलरी सेक्टर देश की जीडीपी में 7 फीसदी और तैयार माल के एक्सपोर्ट में 13 फीसदी हिस्सेदारी रखता है। वैसे कॉमर्स मंत्रालय ने ज्वेलरी सेक्टर की फाइनेंस से जुड़ी दिक्कतों पर एक कमिटी बनाई है। लेकिन अब तक इस कमिटी की पहली बैठक भी नहीं हुई है।