Moneycontrol » समाचार » बाज़ार खबरें

यस बैंक से सावधान, पैसे जुटाने को लेकर क्यों हो रही इतनी देरी

यस बैंक में लगातार बिकवाली देखने को मिल रही है।
अपडेटेड Jan 15, 2020 पर 08:51  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

यस बैंक में लगातार बिकवाली देखने को मिल रही है। 3 दिन में शेयर करीब 20 प्रतिशत लुढ़क चुका है। दरअसल पैसे जुटाने को लेकर घोर कंफ्यूजन है। वहीं पैसे जुटाने को बोर्ड बैठक से ज्यादा कुछ नहीं हो रहा है। Yes Bank इस समय निफ्टी में सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला शेयर है। बैंक का मार्केट कैप 10,000 करोड़ के नीचे है।


इस तरह मार्केट कैप के लिहाज से निफ्टी में सबसे कमजोर शेयर है। यह 2019 में Nifty की सबसे ज़्यादा पूंजी खराब करने वाली कंपनी बनी है। मार्केट कैप के लिहाज से निफ्टी बैंक का कमजोर बैंक है।


शेयर में गिरावट पर नजर डालें तो 1 महीने में 16 प्रतिशत, 6 महीने में 58 प्रतिशत और 1 साल मे करीब 80 प्रतिशत गिरावट देखी जा चुकी है। वहीं YES BANK के रिटर्न की बात करें तो 1 महीने में 16 प्रतिशत का निगेटिव रिटर्न, 1 साल में 80 प्रतिशत का निगेटिव रिटर्न, 3 साल में 85 प्रतिशत का निगेटिव रिटर्न और 5 साल में 75 प्रतिशत का निगेटिव रिटर्न दिया है।


2019 के QIP से अब तक YES BANK का शेयर करीब 53 प्रतिशत फिसला है। वहीं अगस्त में QIP के जरिए 1930 करोड़ रुपये जुटाए गये थे। रकम जुटाने के लिए कुल 23.1 करोड़ शेयर जारी किये गये। यह रकम 83.55 प्रति शेयर के दाम पर जुटाई गई थी। यस बैंक में LIC की 8.87 प्रतिशत, Vanguard की 2.29 प्रतिशत और Franklin की 1.27 प्रतिशत हिस्सेदारी है।


YES BANK से जुड़े बड़े सवाल यह हैं कि पैसे जुटाने को लेकर इतनी देरी क्यों हो रही है। फंड जुटाने को लेकर बार-बार बोर्ड बैठकें क्यों हो रही है। हर QIP के बाद अगला QIP नीचे के भाव पर क्यों आ जाता है। दूसरी तरफ YES BANK में कोई बड़ा निवेशक हिस्सा क्यों नहीं खरीद रहा है और YES BANK बार-बार F&0 बैन में क्यों हो जा रहा है। ये ऐसे बड़े सवाल जिसका जवाब मिलता नहीं दिख रहा है लिहाजा एक्सपर्ट ने निवेशकों को यस बैंक से दूर रहने की सलाह दी है।


सोशल मीडिया अपडेट्स के लिए हमें Facebook (https://www.facebook.com/moneycontrolhindi/) और Twitter (https://twitter.com/MoneycontrolH) पर फॉलो करें।