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चीन के लिए बड़ा झटका, एक और केंद्रीय मंत्रालय ने चीनी सामानों और उत्पादों पर लगाई रोक

नागरिकों के बाद अब सरकारी उपक्रमों, सरकारी विभागों और मंत्रालयों से भी चीनी सामानों के बहिष्कार के स्वर सुनाई देने लगें हैं।
अपडेटेड Jul 03, 2020 पर 09:31  |  स्रोत : Moneycontrol.com

लद्दाख सीमा और गलवान घाटी में भारत के साथ सीमा विवाद और भारतीय सैनिकों से झड़प का मामला चीन पर भारी पड़ता दिख रहा है। सीमा विवाद के चलते देश भर में चीनी सामानों और उत्पादों का बहिष्कार करने की मुहिम चल रही है। नागरिकों के बाद अब सरकारी उपक्रमों, सरकारी विभागों और मंत्रालयों से भी चीनी सामानों के बहिष्कार के स्वर सुनाई देने लगें हैं।


जनता की भावना को समझते हुए पहले केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने चीनी सामानों पर रोक लगाई थी अब इसका अनुसरण करते हुए केंद्रीय अनाज और नागरी आपूर्ति मंत्री रामविलास पासवान ने चीन को सबक सिखाने का निर्णय लिया है।


केंद्रीय अनाज एवं नागरी आपूर्ति मंत्री रामविलास पासवान ने चीनी उत्पादों पर प्रतिबंध लगा दिया है। उन्होंने कहा है कि मेरे विभाग में इसके बाद कोई भी चीनी सामान लाया नहीं जायेगा। इस बारे में मंत्रालय ने एक सर्कुलर भी जारी किया है। इसके अलावा विदेशी वस्तुओं के मानक भारतीय मानक ब्यूरों द्वारा परखे जायेंगे।


रामविलास पासवान ने कहा कि सभी विदेशी वस्तुओं की परख करने के लिए नये नियम तैयार किये जा रहे हैं। ये नये नियम केवल चीन के उत्पादनों के लिए ही लागू नहीं होंगे बल्कि विदेश से आने वाले सभी सामानों और उत्पादों पर लागू होंगे।


केंद्रीय अनाज एवं नागरी आपूर्ति मंत्रालय के निर्णय के बाद मंत्रालय और मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले सभी विभागों और संगठनों में उपयोग किये जाने वाले सामानों की खरीदारी करते समय चीनी सामानों का बहिष्कार किया जायेगा। महाराष्ट्र टाइम्स में छपी खबर के मुताबिक केंद्रीय अनाज मंत्रालय के अंतर्गत खाद्य निगम और केंद्रीय वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन भी आते हैं।


इससे पहले भारत ने चीन के 59 ऐप्स पर प्रतिबंध लगा दिया था। उसके बाद केंद्रीय परिवहन मंत्री ने घोषणा की थी कि बड़े राष्ट्रीय महामार्ग प्रोजेक्ट्स में चीनी कंपनियों पर प्रतिबंध लगाया जायेगा।


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