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क्वैड्रिगा के फाउंडर की मौत, बिटकॉइन में लगा पैसा फंसा

प्रकाशित Sat, 09, 2019 पर 15:57  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

सोचिए क्या होगा अगर लाखों लोगों ने किसी की तिजोरी में अपने पैसे रखे हों और तिजोरी के मालिक की मौत हो जाए और चाभी का किसी को पता ना हो। बिट्क्वाइन की दुनियां में कुछ ऐसा ही हो रहा है। क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज क्वैड्रिगा के फाउंडर गेराल्ड कोटेन की मौत ने बिट्क्वाइन में निवेश करने वालों की नींद उड़ा दी है।


कनाडा के सबसे बड़े क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज क्वैड्रिगा ने पिछले सप्ताह खुलासा किया कि उसके संस्थापक गेराल्ड कोटेन की दिसंबर में मौत हो चुकी है। गेराल्ड दिसंबर में भारत आए थे और जयपुर में उनकी अचानक मौत हो गई। लेकिन गेराल्ड की मौत के साथ ही हमेशा के लिए खो गई 1300 करोड़ रुपये कि तिजोरी की चाभी।


एक्सचेंज ने अपनी वेबसाइट पर कहा है कि कंपनी के वालेट में लगभग 14.5 करोड़ डालर बिटक्वाइन के रुप में थे जिसका पासवर्ड सिर्फ गेराल्ड को पता था है। एक्सचेंज कोल्ड वॉलेट तक पहुंचने की कोशिश कर रहा है। ताकि लोगों को क्रिप्टो वापस किए जा सकें। लेकिन अभी तक कोशिशें नाकाम रही हैं।


यानी जिन लोगो ने इस एक्सचेंज में पैसे लगाए हैं उनके पैसे डूबने का खतरा पैदा हो गया है। इस घटना ने बिट्क्वाइन की दुनिया में हड़कंप मचा दिया है। भारत में भी लाखों लोगो ने अलग अलग एक्सचेंज के जरिए क्रिप्टोकरेंसी में निवेश किया है।


जानकार हमेशा से ही बिट्क्वाइन को सबसे ज्यादा जोखिम वाला निवेश मानते हैं। भारत सरकार ने तो क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज से लेनदेन करने पर बैंकों पर रोक लगा दी हैं। लेकिन इसके बावजूद अगर आप बिट्क्वाइन की खरीद बिक्री करते हैं तो कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना जरूरी है।


बिटक्वाइन को हार्ड वॉलेट में रखना ज्यादा सुरक्षित है। हालांकि कोई भी एक्सचेंज सुरक्षित होने का दावा नहीं कर सकता। लेकिन अगर फिर भी निवेश कर रहे हैं तो सारा निवेश एक ही एक्सचेंज में ना करें। वैसे अच्छा तो ये है कि क्रिप्टो करेंसीज में निवेश किया ही ना जाए, क्योंकि सरकार इसे मान्यता नहीं देती।