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बीएमसी कोरोना वायरस के फैलाव को जांचने के लिए करेंगी sero-survey

बीएमसी ने अपने बयान में कहा है कि यह सर्वे नीति आयोग और टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च के साथ मिलकर मुंबई के M- वेस्ट, F नॉर्थ और R नॉर्थ वॉर्ड में किया जाएगा।
अपडेटेड Jun 28, 2020 पर 18:32  |  स्रोत : Moneycontrol.com

बीएमसी ने 26 जून को अपने एक बयान में कहा है कि वह मुंबई में कोरोना वायरस के फैलाव को जांचने के लिए सेरो-सर्वे (sero-survey) करवाएगी जिसमें 10,000 रैंडम ब्लड सैपेंल लिए जायेंगे।


बीएमसी ने आगे कहा कि यह सर्वे नीति आयोग और टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च (TIFR) के साथ मिलकर मुंबई के M- वेस्ट, F नॉर्थ और R नॉर्थ वॉर्ड में किया जाएगा।


बीएमसी के बयान में आगे कहा गया है कि इस स्टडी से कोरोना संक्रमण की दर, इसके फैलाव की प्रकृति और आबादी पर इसके असर की जानकारी मिलेगी जिसके आधार पर कोरोना से संबंधित जनस्वास्थ्य नीतियां बनाने में सहायता मिलेगी।


बता दें कि इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) ने सभी राज्य सरकारों से सेरो-सर्वे (sero-survey) करने को कहा है। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए मुंबई में इसके पहले ही एक सेरो-सर्वे किया जा चुका है जिसमें रैंडेमली 500 ब्लड सैपेंल लिए गए थे।


यह नया सर्वे 12 साल के ऊपर के आयुवर्ग में किया जाएगा और इसके तहत स्लम और नॉन-स्लम दोनों तरह के क्षेत्रों से 10,000 ब्लड सैंपल लिए जाएंगे। सर्वे में भाग लेना स्वैच्छिक होगा।


इन ब्लड सैपेंल को IgG एंटीबॉडिज की जांच के लिए कस्तूरबा मॉलिक्यूलर डाइग्नोस्टिक लैब और THSTI (ट्रांसलेशनल हेल्थ साइंस एंड टेक्नोलॉजी इंस्टीट्यूट फरीदाबाद) भेजा जाएगा। बीएमसी ने कहा है कि किसी के खून में IgG एंटीबॉडिस होने का मतलब यह है कि वह व्यक्ति कोविड-19 का शिकार होकर ठीक हो चुका है।


बीएमसी के इस बयान में आगे कहा गया है कि इन तीनों वर्डों में हेल्थकेयर और दूसरे अग्रिम मोर्चे के कोरोना वारियर्स के लिए एक खास सर्वे होगा।


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