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BSNL-MTNL का रिवाइवल प्लान अधर में लटका, फाइनेंस मिनिस्ट्री ने दिया रेड सिग्नल

BSNL-MTNL को रिवाइवल प्लान से कुछ उम्मीद जागी थी, लेकिन इन उम्मीदों पर फाइनेंस मिनिस्ट्री ने पानी फेर दिया है।
अपडेटेड Sep 30, 2019 पर 10:52  |  स्रोत : Moneycontrol.com

सरकारी टेलीकॉम कंपनियां BSNL और MTNL के अच्छे दिन नहीं चल रहे हैं। इन दोनों सरकारी कंपनियों ने रिवाइल प्लान फाइनेंस मिनिस्ट्री को भेजा है। जिसे फाइनेंस मिनिस्ट्री ने खारिज कर दिया है। दोनों कंपनियों के लिए 74,000 करोड़ रुपये का रिवाइवल प्लान था, जिस पर फाइनेंस मिनिस्ट्री ने रोक लगा दी है। साथ ही मिनिस्ट्री ने दूसरा प्लान लाने के लिए कहा है।


फाइनेंशियल एक्सप्रेस में छपी खबर के मुताबिक, टेलीकॉम मिनिस्ट्री ने कहा कि अगर दोनों कंपनियों को बंद कर देंगे, तो तकरीबन 95,000 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इस पैकेज में कर्मचारियों की रिटायरमेंट होने वाली उम्र को भी 60 से घटाकर 58 साल कर दिया है। साथ ही BSNL के कर्मचारियों को 1.65 लाख कर्मचारियों को बेहतर वीआरएस पैकेज देने के लिए कहा गया था।


बता दें कि दोनों कंपनियों के रिवाइवल प्लान पीएमओ ऑफिस से मंजूरी मिलने के संकेत मिल चुके थे। प्लान के तहत दोनों कंपनियों को अपनी फाइनेंशियली स्थिति को दुरुस्त करने के लिए 4जी लाइसेंस दिया जाएगा। 


सरकार की इस सहायता से BSNL को 6365 करोड़ रुपये और MTNL को 2120 करोड़ रुपये मिलेंगे। साथ ही सरकार 10 साल के लिए जारी बांड को गिरवी के तौर पर रखेगी।
मौजूदा समय में BSNL के पास 14000 करोड़ रुपये की उधारी है, उसे फिस्कल ईयर 2017-18 में 31287 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है। कंपनी के पास वर्तमान में 1.76 लाख कर्मचारी हैं। वीआरएस देने के बाद अगले पांच साल में कर्मचारियों की संख्या 75,000 रह जाएगी।


MTNL के पास 22,000 कर्मचारी हैं। साथ कंपनी के पास 19,000 करोड़ रुपये का कर्ज है। कंपनी अपनी 90 फीसदी इनकम को कर्मचारियों की सैलरी देने में खर्च करती है।



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