Moneycontrol » समाचार » बाज़ार खबरें

बजट 2019: जानिए आर्थिक सर्वे और बजट से जुड़े दिलचस्प तथ्य

साल 2019 का बजट 5 जुलाई को पेश किया जाएगा। जिसमें 4 जुलाई को आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया जाएगा। इस बजट सत्र में कुल 30 बैठकें होंगी।
अपडेटेड Jun 20, 2019 पर 09:25  |  स्रोत : Moneycontrol.com

संसद का बजट सत्र शुरु हो चुका है। 17 जून से शुरु होकर 26 जुलाई तक बजट सत्र चलेगा। मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला बजट 5 जुलाई को पेश होगा। जिसे वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पेश करेंगी। बजट में सरकार के वार्षिक खर्च और आमदनी का लेखा जोखा होता है। 4 जुलाई को परंपरा के मुताबिक आर्थिक सर्वे पेश किया जाएगा। इसमें देश की आर्थिक स्थिति की जानकारी होगी। आर्थिक सर्वे का अपना एक अलग महत्व होता है। आमतौर पर बजट 90 से 120 मिनट का होता है। बजट पेश करने से से पहले मोदी सरकार कैबिनेट की बैठक करेगी। बजट के लिए राष्ट्रपति की मंजूरी ली जाती है।    


चुनावी साल में सरकार खर्च निकालने के पहले अंतरिम बजट पेश करती है। इसके जो नई सरकार मई में चुनकर आती है, वो सरकार पूर्ण बजट पेश करती है। फरवरी अंतरिम बजट पीयूष गोयल ने पेश किया था।
 
1999 से पहले बजट फरवरी के आखिरी कामकाजी दिन को शाम 5 बजे पेश होता था। वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा के समय में 1999 में ये परंपरा बदली गई और बजट सुबह 11 बजे पेश होने लगा। 2016 से पहले रेल बजट अलग दिन पेश होता था। हालांकि सितंबर 2016 में मोदी सरकार ने इस परंपरा को बदल दिया। अब रेल बजट पूर्ण बजट में ही शामिल किया जाता है।
 
आर्थिक सर्वेक्षण के मुख्य बिंदु


1 आर्थिक सर्वेक्षण 4 जुलाई को पेश किया जाएगा, इसके बाद अगले दिन केंद्रीय बजट 2019 की घोषणा की जाएगी। बजट सत्र में कुल 30 बैठकें होंगी।



2 आर्थिक सर्वे को वित्त मंत्रालय का मुख्य दस्तावेज माना जाता है। अर्थव्यवस्था के सभी पहलुओं का इसमें जिक्र करते हुए आंकड़े पेश किए जाते हैं।
 
3 आर्थिक सर्वे के मुताबिक ही बजट बनाया जाता है। आर्थिक सर्वे को मुख्य आर्थिक सलाहकार की टीम तैयार करती है। इस बार मुख्य आर्थिक सलाहकार कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यम की निगरानी में आर्थिक सर्वेक्षण तैयार किया जाएगा।


4 सर्वे में कृषि और औद्योगिक उत्पादन, इन्फ्रास्ट्रक्चर, रोजगार, धन की आपूर्ति, कीमतें, आयात, निर्यात, विदेशी मुद्रा भंडार का विश्लेषण किया जाता है।


5 आर्थिक सर्वे में नीतिगत विचार, आर्थिक मापदंडों पर मुख्य आंकड़ें गहन शोध होता है। इसमें अर्थव्यवस्था के क्षेत्रवार हालातों की रूपरेखा और सुधार के उपायों के बारे में बताया जाता है। इसमें बजट की झलक मिलती है।


6 इस सर्वेक्षण को सभी लोग उपयोगी मानते हैं। इसमें तमाम आर्थिक नीतियों का विश्लेषण और विचार शामिल रहता है।


7 मोदी सरकार ने साल 2015, 2016, 2017 और 2018 में आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया था। साल 2015 में आर्थिक सर्वेक्षण जन-धन, आधारर मोबाइल जैसी योजनाओं पर ध्यान केंद्रित किया गया था। जिन्हें एक साथ JAM के तौर पर जाना जाता है।