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इश्योरेंस सेक्टर में 74 फीसदी FDI का रास्ता साफ, लगी कैबिनेट की मुहर

इश्योरेंस सेक्टर में 74 फीसदी FDI का रास्ता साफ हो गया है। कैबिनेट ने आज इंश्योरेंस एक्ट में बदलाव को मंजूरी दे दी है.
अपडेटेड Mar 11, 2021 पर 08:36  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

इश्योरेंस सेक्टर में 74 फीसदी FDI का रास्ता साफ हो गया है। कैबिनेट ने आज इंश्योरेंस एक्ट में बदलाव को मंजूरी दे दी है। अभी इंश्योरेंस में FDI की सीमा 49 फीसदी है। अब इस सेक्टर में FDI सीमा 49 फीसदी से बढ़ाकर 74 फीसदी करने का रास्ता साफ हो गया है।


सरकार ने इस बार के बजट में बीमा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की सीमा को 49 फीसदी से बढ़ाकर 74 प्रतिशत करने का प्रस्ताव रखा का। इस कदम का उद्देश्य विदेशी कंपनियों को निवेश के लिए आकर्षित करना है। इससे देश में बीमा की पहुंच बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।


जानकारों का कहना है कि इंश्योरेंस में एफडीआई की सीमा बढ़ाने से दो और फायदे होंगे। एक तो इस सेक्टर में मनी फ्लो और बढ़ेगा। कंपनियों का विस्तार होगा, जिससे नौकरियों के अवसर भी बनेंगे। इसके अलावा कंपनियां अपनी पहुंच ज्यादा लोगों तक बनाने की कोशिश करेंगी। जमीनी स्तर पर आखिरी छोर तक बीमा उत्पाद पहुंचाने की कोशिश की जाएगी।


इसके साथ ही PM स्वास्थ्य सुरक्षा निधि को भी मंजूरी मिल गई है। ये फंड हेल्थ, एजुकेशन सेस से चलेगा। स्वास्थ्य सुरक्षा निधि Non Lapsable फंड होगी।कारोबारी साल खत्म होते ही फंड लैप्स नहीं होगा। हेल्थ,एजुकेशन सेस का पैसा फंड में डाला जाएगा। हेल्थ सेक्टर की फ्लैगशिप स्कीम पर फंड से खर्च होगा।


इसके अलावा आज कैबिनेट से VVPATS मशीन की खरीद को भी मंजूरी मिल गई है। बता दें कि चुनाव में VVPATS यानी Verifiable Paper Audit Trial Units का इस्तेमाल होता है। बड़ी संख्या में VVPATS मशीन खरीदे जाएंगे। इसे बीईएल और सीआईएल जैसी कंपनियों से मशीनें खरीदी जाती है। चालू कारोबारी साल में 1005 करोड़ रुपए इसके लिए आवंटित किए गए थे।



 
 
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