सीलिंग पर कोहराम, अवैध निर्माण का कौन है जिम्मेदार! -
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सीलिंग पर कोहराम, अवैध निर्माण का कौन है जिम्मेदार!

प्रकाशित Tue, 13, 2018 पर 18:35  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

दिल्ली में सीलिंग के खिलाफ आज व्यापारियों ने महाबंद बुलाया। बंद के दौरान दिल्ली में 7 लाख से ज्यादा दुकानें और 2500 से ज्यादा बाजार बंद हैं। व्यापारियों ने सीलिंग को रोकने के लिए करीब 100 जगहों पर विरोध प्रदर्शन किया और सीलिंग की अर्थी निकाली। बंद से करीब 1800 करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित होने की आशंका है। जबकि सरकार को करीब 150 करोड़ रुपये राजस्व नुकसान होने की आशंका है। करीब एक महीने से दिल्ली के अलग अलग हिस्सों में सीलिंग की कार्रवाई चल रही है।


दरअसल, दिल्ली में निर्माण कार्यों के लिए एमसीडी की इजाजत जरूरी होती है। एमसीडी की लापरवाही से दिल्ली में अवैध निर्माण तेजी से बढ़े है। आलम यह रहा कि 2005 में अवैध निर्माण का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा जिसपर कोर्ट ने अवैध निर्माण की सीलिंग का आदेश दिया।  सीलिंग विवाद की शुरूआत साल 2006 में दिल्ली शुरू हुई। जहां रिहायशी इलाकों में दुकानों पर मास्टर प्लान 2021 के तहत रोक का प्रावधान किया गया। हालांकि इस मास्टर प्लान 2021 में कन्वर्जन के प्रस्ताव को शामिल किया गया। जिसमें कन्वर्जन चार्ज जमा करने का विकल्प था। लेकिन व्यापारियों ने कन्वर्जन चार्ज जमा नहीं किया और अब व्यापारी अब जमी हुई दुकानें खत्म करने का विरोध कर रहे है।


सीलिंग विवाद पर नजर डालें तो सीलिंग पर 12 मई 2006 को स्पेशल प्रोविजन बिल लाया गया जिसे 19 मई 2006 बिल पास हुआ और कानून बनाया गया। इससे पहले 13 मई 2006 को तजिंदर खन्ना कमिटी की रिपोर्ट आई जिसमें कमिटी ने एफएआर बढ़ाने की सिफारिश की थी। साल 2006 में मास्टर प्लान को दो बार बदला गया और मार्च 2007 में मास्टर प्लान 2021 नोटिफाई लाई गई।


इस बीच कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स के राष्ट्रीय महासचिव प्रवीण खंडेलवाल का कहना है कि सरकार सीलिंग को रोकने के लिए जल्द से जल्द बिल लेकर आए। खंडेलवाल ने 28 मार्च को रामलीला मैदान में बड़े आंदोलन की बात भी कही। धरना दे रहे दिल्ली के दुकानदार भी दिल्ली सरकार और केन्द्र सरकार के नाराज नजर आए। जल्द से जल्द सीलिंग का हल निकालने की बात कही।


उधर सीलिंग का हल निकालने के लिए आज दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सर्वदलीय बैठक बुलाई। लेकिन बीजेपी ने इस बैठक का बहिष्कार किया। दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसौदिया ने बीजेपी पर राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि संसद में आवाज़ उठाने के लिए आम आदमी पार्टी और कांग्रेस सांसद साथ रहेंगे।


दिल्ली सरकार सीलिंग मामले में मॉनिटरिंग कमिटी के सामने पक्ष रखेगी और सोमवार तक सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा जमा करेगी। 351 सड़कों को नोटिफाई करने के लिए हलफनामा देगी। साथ ही विधानसभा सत्र में प्रस्ताव पास करके केंद्र को भेजेगी।